“राष्ट्रीय गान संसद के दोनों सदनों में भी दरवाज़ा बंद करके बजना चाहिए”

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बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित किया कि देशभर के सभी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रीय गान अनिवार्य रूप से बजना चाहिए।

एक याचिका की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गान बजते समय सिनेमाहॉल के पर्दे पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाया जाना भी अनिवार्य होगा।

National anthem

लोगों को ये महसूस होना चाहिए कि यह मेरा देश है और यह मेरी मातृभूमि है, “न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और अमिताभ रॉय की पीठ ने जोर देते हुए कहा, कि देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि राष्ट्रीय गान और ध्वज को सम्मान दिखाए।

जैसी कि उम्मीद थी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से सोशल मीडिया पर ये एक चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया यूजर्स ने बड़ी संख्या में इस निर्देश का मजाक बनाया। केंद्र सरकार के समर्थकों ने हालांकि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया।

भारत में  भाजपा की सरकार है, एक हिन्दू राष्ट्रवादी पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नियंत्रित होती है।

कई सोशल मीडिया यूर्जस थिएटर के अंदर राष्ट्रीय गान को अनिवार्य करने के पीछे का तर्क ही नहीं पता कर पाए।

उन्होंने पूछा, ‘केवल सिनेमा हॉल ही क्यों? किराने की दुकान या संसद या विधानसभा हॉल क्यों नहीं? ”

कुछ लोगों ने अपनी मुखर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘जब भी एटीएम से कैश खत्म हो जाए राष्ट्रीय गान बजना चाहिए। ”
यहां पढ़िए कुछ सोशल मीडिया रिएक्शन-

https://twitter.com/AsYouNotWish/status/803905759398559744

https://twitter.com/AsYouNotWish/status/803905759398559744

https://twitter.com/immohdtanveer/status/803900327867142144

https://twitter.com/CallSignHARP/status/803915875929628673

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