कभी PM मोदी को ‘मदारी’ बताने वाले नरेश अग्रवाल ने सपा छोड़ BJP का थामा दामन

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समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल सोमवार (12 मार्च) शाम को भारतीय जनता पार्टी (बीेजेपी) में शामिल हो गए। हालांकि सोमवार सुबह से ही नरेश अग्रवाल द्वारा सपा छोड़ बीजेपी का दामन थामे जाने की चर्चा थी, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई थी। आखिरकार अग्रवाल ने सोमवार शाम सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय पहुंचकर औपचारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

Photo: @DDNewsLive

दिल्ली में उन्होंने रेल मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। बता दें कि हाल ही में राज्यसभा के लिए अभिनेत्री जया बच्चन को तरजीह दिए जाने से नरेश अग्रवाल सपा से नाराज चल रहे थे। आज उन्होंने इस बात का इजहार भी किया और सीधे तौर पर पार्टी पर आरोप लगाया कि फिल्म में काम करने वाले को टिकट दिया गया जबकि राजनीति करते आ रहे पार्टी के नेता का टिकट काट दिया गया।

बीजेपी में शामिल होने के बाद अग्रवाल ने जया बच्चन पर जमकर हमला बोला। नरेश ने कहा कि, ‘फिल्मों में काम करने वाली से मेरी हैसियत कर दी गई, उनके नाम पर हमारा टिकट काटा गया। मैंने इसको भी बहुत उचित नहीं समझा। मैं बीजेपी में कोई शर्त पर नहीं आया। कोई राज्यसभा टिकट की मांग नहीं है।’ उन्होंने कहा कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रभावित हैं। अग्रवाल ने कहा कि वह बीजेपी में किसी लालच में नहीं आए हैं।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उन्हें रसीद और फूलों का गुलदस्ता देकर पार्टी में शामिल किया। नरेश को शामिल कराने के दौरान प्रवक्ता संबित पात्रा समेत कई वरिष्ठ बीजेपी नेता मौजूद थे। इस मौके पर गोयल ने कहा कि नरेश अग्रवाल का बीजेपी में स्वागत है। उनकी पूरी टीम ने बीजेपी में शामिल हुई है। इन्होंने माना कि पीएम की अगुवाई में और सीएम योगी के नेतृत्व में नया विकास का दौरन यूपी को देखने को मिल रहा है।

इस बीच सोशल मीडिया पर नरेश अग्रवाल के पुराने बयान वायरल हो रहे हैं। जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी और हिंदू समुदाय पर निशाना साधा था। बता दें कि नरेश अग्रवाल ने नवंबर 2013 में तत्कालीन बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी (अब प्रधानमंत्री) को ‘मदारी’ बताते हुए कहा था कि एक चाय बेचने वाले का नजरिया कभी राष्ट्रीय स्तर का नहीं हो सकता।

अग्रवाल ने हरदोई में एक जनसभा को संबधित करते हुए कहा था कि, ‘मैं कहता हूं कि चाय की दुकान से उठने वाले का नजरिया कभी राष्ट्रीय स्तर का नहीं हो सकता। ठीक वैसे ही जैसे एक सिपाही को कप्तान बना दिया जाए तो उसका नजरिया कप्तान का नहीं हो सकेगा। भीड़ तो मदारी भी जुटा लेता है।’ अब बीजेपी में शामिल होने के बाद अग्रवाल का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वहीं, अग्रवाल ने पिछले साल ही राज्यसभा में गौरक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा की जा रही लोगों की हत्या किए जाने पर विवादित बयान देते हुए कहा था कि, “विस्की में विष्णु बसें, रम में श्रीराम। जिन में माता जानकी और ठर्रे में हनुमान। सियावर रामचंद्र की जय’।” उस वक्त भी इनके बयान पर खूब हंगामा मचा था। तब राज्यसभा के उपसभापति ने सदन के रिकॉर्ड से इनका बयान हटवा दिया था। हालांकि बाद में अग्रवाल ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया था।

सत्ता के करीब रहने में माहिर नरेश अग्रवाल उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले हैं। अग्रवाल 1980 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। बाद में वह कई अन्य दलों से होते हुए सपा में पहुंचे थे। वर्ष 1997 में जब यूपी में कल्याण सिंह की सरकार को विश्वास मत हासिल करना था, तो नरेश अग्रवाल समेत कई कांग्रेस विधायकों ने अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी के नाम से नई पार्टी बनाई थी।

इसके बाद उन्होंने बीएसपी का दामन थाम लिया। फिर बाद में मायावती पर पैसा लेने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी। इसके बाद लंबे समय तक सपा में बने रहे। उन्हें सपा में बड़ा वैश्य चेहरा माना जाता था। हरदोई विधानसभा सीट से वे सात बार विधायक भी रहे हैं। जानकारों का कहना है कि नरेश अग्रवाल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में हरदोई से बीजेपी के प्रत्याशी भी हो सकते हैं।

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