असम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नग्न प्रदर्शन, दिखाए गए काले झंडे, ‘मोदी वापस जाओ’ के लगाए नारे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय असम दौरा विरोध-प्रदर्शन के भेंट चढ़ गया। असम में नागरिकता बिल पर शुक्रवार (8 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री के शुक्रवार शाम गुवाहाटी शहर पहुंचने और हवाई अड्डे से राजभवन जाने के दौरान ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) के सदस्यों ने काले झंडे दिखाए और नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान ‘मोदी वापस जाओ’, ‘नागरिकता संशोधन विधेयक वापस लो’ जैसे नारे लगाए गए।

वहीं, शनिवार को एक बार फिर से काले कपड़े दिखाकर लोगों ने पीएम मोदी का विरोध किया। विरोध-प्रदर्शनों के सिलसिला यहीं नहीं रुका शनिवार को ही चांगसारी में पीएम मोदी की जनसभा से ठीक पहले दिसपुर में राज्य सचिवालय के सामने एक समूह ने अपने कपड़े उतारकर नग्न मार्च निकाला और नागरिकता विधेयक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छह लोगों के एक समूह ने अपने कपड़े उतारकर पीएम मोदी का विरोध किया।

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, यह घटना दिसपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर चांगसारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा से ठीक पहले हुई। प्रधानमंत्री चांगसारी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की आधारशिला रखने सहित कई विकास परियोजनाओं के उद्धघाटन के लिए राज्य में थे। पुलिस ने कहा कि छह लोग गुवाहाटी-शिलॉन्ग सड़क पर नग्न होकर मार्च निकाल रहे थे, जिन्हें सचिवालय के समीप पुलिसकर्मियों ने देख लिया और उन्हें हिरासत में ले लिया।

आंदोलनकारियों की पहचान कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के सदस्यों के रूप में हुई है। यह संगठन नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 का विरोध कर रहा है। इससे पहले एक फरवरी को दिसपुर में उच्च सुरक्षा वाले जनता भवन के सामने विधेयक के विरोध में लोग नग्न खड़े हो गए थे। यह प्रदर्शन शहर के दूसरे छोर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक रैली को संबोधित करने के कुछ घंटे पहले किया गया।

प्रदर्शनकारी काले झंडे और काले गुब्बारे लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रधानमंत्री के पुतले भी जलाये। इस दौरान विभिन्न छात्र, युवा और नागरिक समाज संगठनों ने पीएम मोदी के दौरे के दौरान नागरिकता (संशोधन) विधेयक के विरोध में राजव्यापी बंद का आह्वान किया। कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के छह सदस्यों ने शनिवार को राज्य सचिवालय के सामने निर्वस्त्र होकर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि इस तरह के किसी भी विरोध प्रदर्शन से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

पुलिस कर्मियों ने गिरफ्तार करने से पहले नग्न प्रदर्शनकारियों को कंबल से ढका। केएमएसएस के कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली में भी संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ नग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया था। असोम जातियाताबादी युबा चत्रा परिषद (एजेवाईसीपी) के चार सदस्यों के नग्न प्रदर्शन के प्रयास को शनिवार सुबह नाकाम कर दिया गया। उन्हें कामरूप (एम) के उपायुक्त कार्यालय के पास हिरासत में लिया गया।

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