नरेन्द्र मोदी का जीइएस 2016 रखेगा नये भारत की नींव, गे्रटर नोएडा में भव्य आयोजन, दो दिन शेष

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नरेन्द्र मोदी सरकार अपनी कई सारी महत्वकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वन तेजी के साथ कर रही है। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा में शुरू हुए जीइएस 2016 में 350 भारतीय कंपनियां, 60 विदेशी मुल्कों की भागीदारी, 18 भारतीय राज्य और इसमें 3000 से अधिक व्यापारिक मिटिंग्स अगले दो दिनों में आयोजित होने की संभावना है।

भारतीय सेवाओं और उत्पादों व सर्विस सेक्टर से जुड़े हुए लोगों को इस बार एक बड़ा प्लेटफार्म जीइएस 2016 के रूप में बनाकर नरेन्द्र मोदी सरकार ने दिया है। इसमें दुनियाभर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी सर्विस सेक्टर को भारत में जगह देने के लिये जीइएस 2016 की बुनियाद रखी गई है।

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इसके साथ ही इस सम्मेलन के जरिये भारतीय सेवा उत्पादों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना सरकार का एक अहम मकसद है। इस सम्मेलन में इस बार विश्व के नामी-गिरामी राजनेताओं, व्यापार जगत के नेताओं, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं और मीडिया के दिग्गजों, कलाकारों व उद्यमियों का जमावाड़ा होने जा रहा है। इस सम्मेलन में व्यापार प्रतिनिधिमंडलों के साथ नेटवर्किंग के लिए अवसरों की आपस में पेशकश की जाएगी।

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने ग्रेटर नोएडा में वैश्विक सेवा प्रदर्शनी 2016 का उद्घाटन करते हुए कहा कि कहा कि सेवा क्षेत्र को इस सहस्राब्दी का उद्योग करार देते हुए कल कहा कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, व्यापार एवं रणनीतिक भागीदारी को बढावा देने वाला यह क्षेत्र देश में परिवर्तन का वाहक है। भारत में सेवा सर्वाधिक नौ प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से बढ रहा है।

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वर्ष 2014 -15 में सकल घरेलू उत्पाद में सेवा की भागीदारी 66 प्रतिशत तक पहुंच गयी है जबकि वर्ष 1990- 91 में यह 41 प्रतिशत थी। भारतीय सेवा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर ले जाने पर जोर देते उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए सीमाएं मायने नहीं रखती है और यह कौशल एवं क्षमताओं के जरिए राष्ट्रों को एक करता है। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र देश में बदलाव के एक प्रमुख वाहक के तौर पर उभर रहा है।

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यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था को समग्र रुप से आगे बढा रहा है। यह मौजूदा सहस्राब्दी का क्षेत्र है और रोजगार सृजन, कौशल विकास, एफडीआई, व्यापार एवं रणनीतिक भागीदारी को बढ़ावा मिल रहा है। जबकि आयोजन के बारे में बोलते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक सेवा प्रदर्शनी में संबंधित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की भागीदारी से सार्थक परिणाम की उम्मीद है।

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