मशहूर गीतकार नक्‍श लायलपुरी का मुंबई में देहांत

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आज सुबह मशहूर गीतकार और शायर नक्श लायलपुरी का मुम्बई में देंहात हो गया। ये जानकारी उनके बेटे राजन लायलपुरी ने सोशल मीडिया पर देते हुए बताया। कई चर्चित गीतों के रचियता नक्श लायलपुरी ने  आज सुबह 11ः15 पर अंतिम सांस ली।

नक्श लायलपुरी

नक्श लायलपुरी ने भारत के बंटवारे के दर्द को बहुत ही करीब से महसूस किया था । 1947 में वे शरणार्थियों के एक काफिले के साथ उस पार के पंजाब से भारत में पैदल दाखिल हुए थे। उन्होंने अपना पहला फिल्मी गाना निर्माता जगदीश सेठी की फिल्म के लिए 1951 में लिखा था।

नक्श लायलपुरी कहते हैं कि गीतकार के रूप में उन्हें बुलंदी बीआर इशारा की फिल्म ‘चेतना’ से मिली और उसमें उनकी नज्म ‘मैं तो हर मोड़ पर तुमको दूंगा सदा ‘ बहुत ही सराही गयी।

जिन लोगों ने रेहाना सुलतान की चेतना और दस्तक देखी है, उन्हें मालूम है कि बेहतरीन अदाकारी किसी कहते हैं। रेहाना सुलतान की परंपरा को ही स्मिता पाटिल ने आगे बढ़ाया था । नक्श लायलपुरी के फिल्मी गानों की बहुत दिनों तक धूम रही।  नक्श जी ने जयदेव, खैय्याम, मदन मोहन और रोशन, इन सभी के साथ खूब काम किया,  मगर विशेष रूप से वह मदन मोहन से काफी प्रभावित थे। उनके गीतों को सभी प्रमुख गायकों ने गाए थे।

पिछले कई वर्षों से वह मुम्बई में एक गुमनाम जिन्दगी बिता रहे थे।  पिछले दिनों उनकी पुस्तक ‘आंगन आंगन बरसे गीत’ उर्दू में प्रकाशित हुई थी। वह पिछले 50 से भी ज्यादा बरसों से हिंदी फिल्मों में उर्दू के गीत लिखते रहे थे।

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