मानवाधिकार कार्यकताओं की गिरफ्तारी पर नंदिता दास ने उठाए सवाल, बोलीं- आज भी बोलने पर जेल में डाल दिया जा रहा है

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अभिनेत्री से फिल्म निर्देशक बनीं नंदिता दास ने पिछले महीने पुणे पुलिस द्वारा कोरेगांव-भीमा गांव में हिंसा की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार पांच दलित अधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर अपनी पीड़ा व्यक्त की है।

नंदिता दास

बता दें कि पुणे पुलिस ने कई राज्यों में 28 अगस्त को प्रमुख वामपंथी कार्यकर्ताओं के घरों पर छापा मारा था और उनमें से पांच, तेलुगू कवि वरवरा राव, वकील सुधा भारद्वाज, वेरोन गोंजाल्विस, अरुण फेरारिया और गौतम नवालखा को गिरफ्तार किया था। फिलहाल, वर्तमान में यह सभी मानवाधिकार कार्यकता घर में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) है।

उनकी गिरफ्तारी के बारे में बोलते हुए नंदिता दास ने कहा कि यह कार्यकर्ता इतना अच्छा काम कर रहें है, यह लोग मंटो की तरह अच्छा काम कर रहें है। उनको बोलने पर आज भी जेल में डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की धमकी दी जा रही है।

बॉलीवुड हंगमा से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘कार्यकर्ताओं को देखो, जो जमीन पर हमारे लिए इतना अच्छा काम कर रहे हैं। जबकि हम जीवन में अपने पर्सनल कामों में लगे हुए हैं और वे अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। भारत मंटो से भरा हुआ है। उन पर यह लाइट नहीं शाइन करती है लेकिन मंटो बहुत सारे है। और उनको बोलने पर आज भी जेल में डाला जा रहा है।”

किसी भी व्यक्ति को बदनाम करने के प्रयासों के बारे में बात करते हुए नंदीता ने कहा, लोगों को एंटी नेशनल, अर्बन नक्सल कहा जाता है। यहां तक ​​कि मुझे भी ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ता है।

अभिनेत्री से फिल्म निर्देशक बनीं नंदिता दास क्रांतिकारी पाकिस्तानी लेखक सआदत हसन मंटो की जिंदगी पर आधारित फिल्म ‘मंटो’ बना रहीं है। यह फिल्म 21 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। नवाजुद्दीन सिद्दीकी मंटो के किरदार में दिखेंगे। ‘मंटो’ में नवाज के अलावा ऋषि कपूर, जावेद अख्तर, परेश रावल, रसिका दुग्गल, राजश्री देशपांडे, गुरदास मान, ईला अरुण, दिव्या दत्ता, रणवीर शौरी और ताहिर राज भसीन भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

 

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