अगर मैं भारत माता की जय नहीं बोलता तो इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि में राष्ट्रवादी नहीं हूं : नजीब जंग

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दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल के द्वारा उन्हें कुत्ता कहे जाने को उन्होंने माफ कर दिया। इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में करन थापर से बात करते हुए एल जी नजीब जंग बोले कि उपराज्यपाल और दिल्ली के मुख्यमंत्री के बीच शक्तियों और कार्यभार के दौरान टकराव स्वभाविक हैं।

नजीब जंग ने आगे बिस्मिल की पंक्तियों को दोहराते हुए अपनी बात कहीं…

“वक्त आने पे तुझे बता देगें ए आसमान,
हम अभी से क्या बताएं क्या तेरी मेहफिल में हैं।”

खुद को अरविन्द केजरीवाल द्वारा कुत्ता कहे जाने पर उन्होंने अरविन्द केजरीवाल को अनुभवहीन बताया, और कहा कि मैंने उन्हें माफ कर दिया लेकिन उन्होंने अभी तक अपनी इस टिप्पणी पर माफी नहीं मांगी।

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दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिये लागू आॅड-ईवन फाॅर्मुले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के कोई प्रभावी नतीजे नहीं मिले है, और दिल्ली में इससे प्रदूषण स्तर में कमी नहीं आई हैं।

आगे इसे यदी लागू किया जाता है तो पुलिस को सुरक्षा समस्याओं के चलते भारी दवाब में काम करना पड़ेगा। आगे वह बोले कि आॅड-ईवन के विज्ञापनों की बदौलत पुलिस को सुरक्षा समस्याओं के बीच भारी दवाब झेलना होगा।

भारत माता की जय विवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये एक बनाया हुआ मुद्दा था। अगर मैं भारत माता की जय नहीं बोलता तो इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि में राष्ट्रवादी नहीं हूं या मैं भारत विरोधी हूं।

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इसी मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए वे आगे बोले कि “मेरी माता जी की आयू इस समय 95 साल हो चली है, और मैं हर सुबह उनके चरण स्पर्श करता हूं और उन्हें मानता हूं। ये शब्दों को उलझाने का खेल है जिससे इतना विवाद हो गया हैं। धार्मिक रिवाजों का पालन करना मेरे लिये अलग तरक अनुभति को प्राप्त करना है। जबकि भारत माता की किसी देवता की पूजा से अलग है।”

“मैं किसी जाति या धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करता। ये एक लोगांे द्वारा बनया गया विवाद हैं। ये किसी व्यक्ति के लिये बेहद गर्व की बात होगी कि वह अपने देश से प्यार करता है और वह अपने देश के लिये मरे। हम ये कहते हुए बहुत खुश है कि मादरे वतन जिन्दाबाद, भारत माता की जय, हिन्दूस्तान जिन्दाबाद या जो कुछ भी हो। लेकिन दूसरों को ये अधिकार बिल्कुल नहीं है कि वह दूसरों को भारत माता की जय कहने के लिये बाध्य करें।

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“मुझे नहीं लगता कि कोई किसी को ऐसा करने के लिये मजबूर कर सकता हैं। मैं खुद अपने बच्चों को ऐसा करने के लिये मजबूर नहीं कर सकता।”

उन्होंने कहा, “अगर नेतागण ऐसा कहने को इस्लाम विरोधी करार देते है तो इसके लिये हमें गुस्सा नहीं करना चाहिए। हमारे देश में लोगों को इस तरह की बातों से बचना चाहिए। ये सब बेकार है और हमें ऐसी बातों की जरूरत हैं।”

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