नगालैंड चुनाव से पहले BJP खेला ईसाई कार्ड, कहा- जीते तो मुफ्त में कराएंगे ईसाइयों को यरुशलम की यात्रा

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मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड में इसी महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव को नजदीक आते देख सभी राजनीतिक पार्टियां की ओर से नगालैंड की जनता का दिल जीतने की पूरी कोशिश की जा रही है।

निकाय चुनाव

टाइम्स न्यूज नेटवर्क के हवाले से नवभारत टाइम्स में छपी ख़बर के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) ने वादा किया है कि अगर नगालैंड में उनकी सरकार बनती है तो ईसाईयों को यरुशलम की मुफ्त यात्रा पर भेजा जाएगा। बता दें कि, नगालैंड में 88 फीसदी लोग ईसाई हैं। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह वादा देश के सभी ईसाइयों के लिए है या केवल उत्तर-पूर्व के ईसाइयों के लिए या फिर सिर्फ नगालैंड के ईसाइयों के लिए है।

जनसत्ता.कॉम में छपी द हिंदू के मुताबिक नगालैंड बीजेपी प्रवक्ता जेम्स विजो का कहना है कि, ‘अगर हमारी पार्टी जीतती है तो हम कुछ वरिष्ठ नागरिकों को यरूशलम भेजने की योजना बना रहे हैं। हमारे वरिष्ठ नागरिकों के लिए तीर्थयात्रा मुक्त हो सकती है, लेकिन इस पर बाद में काम करने की जरूरत है।’

इस पर तंज कसते हुए ऑल इंडिया मज्लिस ए इतेहदुल मुसलिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा कि, ‘बीजेपी ईसाइयों को मुफ्त यात्रा पर भेजने का वादा कर रही है। मैं सही था कि बीजेपी सब्सिडी का इस्तेमाल चुनावी फायदे के लिए करती रहेगी। ये बीजेपी का ‘इंडिया फर्स्ट’ हैं।’

बता दें कि, इसी महीने में नॉर्थईस्ट के तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। त्रिपुरा में 18, मेघालय और नागालैंड में 27 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। वहीं, वोटो की गिनती 3 मार्च को होगी। बता दें कि मेघालय और नगालैंड में ईसाइयों की आबादी अधिक है। मेघालय में जहां 75 फीसदी आबादी ईसाइयों की है वहीं नगालैंड में उनकी तादाद 88 फीसदी है।

हज यात्र पर सब्सिडी खत्म

बता दें कि केंद्र सरकार ने हज यात्र पर दी जाने वाली सब्सिडी समाप्त कर दी है। इस साल हज पर जाने वाले किसी भी यात्री को यह सुविधा नहीं मिलेगी। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार (16 जनवरी) को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो पैसा बचेगा उसे लड़कियों और महिलाओं की शिक्षा पर खर्च किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आजादी के बाद इस साल सबसे ज्यादा एक लाख 75 हजार लोग हज यात्र पर जाएंगे। नकवी ने कहा कि यह अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण के बिना और गरिमा के साथ सशक्तीकरण की हमारी नीति का हिस्सा है। नकवी ने कहा कि 2012 में कांग्रेस सरकार के समय उच्चतम न्यायालय ने हज सब्सिडी खत्म करने का निर्देश दिया था। ऐसे में नई हज नीति के तहत समिति की सिफारिशों के अनुसार हमने हज सब्सिडी को खत्म करने का फैसला किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में कहा था कि हज सब्सिडी अल्पसंख्यक समुदाय को लालच देने जैसा है। सरकार को धीरे-धीरे इसे खत्म कर देना चाहिए। न्यायालय ने केंद्र को 2022 तक सब्सिडी पूरी तरह खत्म करने का निर्देश दिया था। सरकार के फैसले से हज यात्रियों के एयर इंडिया से यात्र करने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। यात्री अपनी सुविधा से सस्ती हवाई यात्र कर सकेंगे।

कोई भी यात्री किसी भी स्थान से हज यात्र पर रवाना हो सकेगा। सब्सिडी से सबसे ज्यादा फायदा एयर इंडिया को था, जिसका सऊदी एयर लाइंस से समझौता था। यात्री इधर से एयर इंडिया से जाते थे और उधर से सऊदी एयर लाइंस से आते थे। इस साल से पानी के जहाज से भी हज यात्र शुरू होगी, जो हवाई यात्र से काफी सस्ती होगी। पानी के जहाज से यात्र में एक तरफ से तीन-चार दिन का ही समय लगेगा।

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