मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: दोषी ने खुद को बेगुनाह बताते हुए जेल में आत्महत्या की धमकी दी

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दिल्ली की एक अदालत में बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में कई लड़कियों के शारीरिक और यौन उत्पीड़न के मामले में फैसला सुनाए जाने के बाद सोमवार को नाटकीय दृश्य देखा गया जहां एक दोषी ने जेल के अंदर खुदकुशी करने की धमकी दी।

मुजफ्फरपुर

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने प्रमुख आरोपी और स्थानीय नेता ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य को जब मामले में दोषी करार दिया तो दोषी रवि रोशन अदालत कक्ष के अंदर जोर-जोर से रोने लगा। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के पूर्व बाल संरक्षण अधिकारी रोशन ने न्यायाधीश के सामने कहा, ‘‘आपने जो अपराध बोले हैं, मैंने उनमें से कोई नहीं किया। मैंने लड़कियों के साथ ऐसी शर्मनाक हरकत नहीं की। आप मुझे इन कृत्यों के लिए जेल भेज रहे हैं। मैं जेल में खुदकुशी कर लूंगा।’’ न्यायाधीश ने रोशन के वकील से उसे संभालने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘उनके वकील कहां हैं? मैं जांच अधिकारी और जेल अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि उन्हें कृपया बाहर ले जाएं। आप इस फैसले के खिलाफ ऊंची अदालत में जा सकते हैं। यह आपका अधिकार है।’’

उसे यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण के कानून (पॉक्सो) के तहत उत्तेजनापूर्ण यौन हमले का, आईपीसी के तहत आपराधिक षड्यंत्र, बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म, चोट पहुंचाने और दुष्कर्म में मदद का तथा किशोर न्याय कानून की धारा 75 (बच्चों से क्रूरता) के तहत दोषी ठहराया गया था। जब रवि रोशन ने आत्महत्या की धमकी दी तो कुछ महिला दोषियों ने भी रोना-पीटना शुरू कर दिया जिस पर जज ने सख्ती से जांच अधिकारी और जेल अधिकारियों को उन्हें अदालत कक्ष से बाहर ले जाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘कृपया इन्हें बाहर ले जाइए। मैं नहीं चाहता कि अब सारे दोषी एक-एक करके रोना शुरू कर दें।’’ सभी 19 आरोपियों को अदालत कक्ष से बाहर ले जाया गया। उनके वकील ने बताया कि वे फैसले को ऊंची अदालत में चुनौती देंगे। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मुजफ्फरपुर की एक स्थानीय अदालत से फरवरी 2019 में मामला दिल्ली के साकेत जिला अदालत परिसर की एक पॉक्सो अदालत में स्थानांतरित किया गया था।

गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर के बालिका गृह में 34 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। मेडिकल टेस्ट में तकरीबन 34 बच्चियों के यौन शोषण की पुष्टि हुई थी। सुनवाई के दौरान पीड़ितों ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें नशीला दवाएं देने के साथ मारा-पीटा जाता था, फिर उनके साथ जबरन यौन शोषण किया जाता था।

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