सोशल मीडिया पर वायरल हुई दर्द बयां करने वाला लालकृष्ण आडवाणी के नाम मुरली मनोहर जोशी की ‘फेक’ चिट्ठी, मचा हड़कंप

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वयोवृद्ध नेता एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के नाम कानपुर से बीजेपी के मौजूदा सांसद व पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की एक ‘फर्जी’ चिट्ठी शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने की वजह से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया, क्योंकि उसमें बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। दिल का दर्द बयां करने वाले जोशी की यह फर्जी चिट्ठी इन दिनों सोशल मीडिया पर खासी वायरल हो रही है।

FILE: Times of India

लोग दावा करने लगे कि यह चिट्ठी जोशी द्वारा लालकृष्ण आडवाणी को लिखी गई है। आडवाणी के नाम जोशी की इस फर्जी चिट्ठी में आरोप लगाए गए थे कि उन्हें (आडवाणी और जोशी) घर (पार्टी) के लोगों ने अपमानित कर बाहर निकाल दिया। इसमें लोकसभा चुनाव में बीजेपी की संभावनाओं का भी जिक्र था। कंटेट को देखते हुए यह चिट्ठी वायरल होनी ही थी और जमकर हुई भी। हालांकि, देर शाम जोशी के दफ्तर ने साफ कर दिया कि यह फर्जी चिट्ठी है। उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है।

दरअसल, इस फेक चिट्ठी पर समाचार एजेंसी एएनआई का लोगो लगा हुआ था, जिस कारण सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों ने इसे सच मान लिया। और लोगों ने इस चिट्ठी को सच मानकर धड़ाधड़ सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिया। लोकसभा चुनाव में टिकट न दिए जाने के बाद जोशी की तरफ से आई प्रतिक्रिया के कारण भी लोगों के लिए इस चिट्ठी पर यकीन करना आसान हो गया था।

बता दें कि जोशी ने मतदाताओं को पहले ही पत्र लिखकर बता दिया था कि बीजेपी के महासचिव ने उनसे कानपुर या किसी अन्य सीट से चुनाव न लड़ने के लिए साफ तौर पर मना कर दिया है। पत्र के जरिए जोशी ने उनसे जबरन वीआरएस लिए जाने की ओर इशारा किया था। बीजेपी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट में भी जोशी और आडवाणी का नाम नहीं है।

हालांकि, शनिवार को जब चिट्ठी सामने आई तो उसमें कई जगह की गई त्रुटियों के कारण कुछ लोगों के मन में संदेह हो गया था, लेकिन एएनआई का लोगो होने के कारण यह तेजी से वायरल होने लगा। हालांकि शाम होते होते जोशी के तरफ से इस चिट्ठी के फेक होने की पुष्टि किए जाने के बाद स्थिति आखिरकार साफ हो गई।

उधर, समाचार एजेंसी एएनआई ने भी इस चिट्ठी के फेक होने की पुष्टि की है। एएनआई ने एक बयान जारी कर कहा कि बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी के बयान के स्क्रीनशॉट उनके लेटर हेड पर व्हाट्सएप और ट्विटर पर ANI वॉटरमार्क के साथ शेयर हो रहे हैं। ऐसा कोई पत्र मौजूद नहीं है। यह नकली है। अभी हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह शरारत किसने की है।

बता दें कि लालकृष्ण आडवाणी और डॉ. मुरली मनोहर जोशी इस बार बीजेपी द्वारा लोकसभा चुनाव में पार्टी ने टिकट नहीं दिया है। आडवाणी की पारंपरिक गांधीनगर सीट से इस बार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, बीजेपी ने मुरली मनोहर जोशी की जगह कानपुर से सत्यदेव पचौरी को टिकट दिया है। बता दें कि सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से शुरू होंगे और 19 मई तक चलेंगे। देशभर में लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, छह मई, 12 मई और 19 मई को होंगे। जबकि मतगणना 23 मई को होगी।

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