बरसों पुरानी दुश्मनी भूल एक साथ मंच पर आए माया-मुलायम, मायावती बोलीं- ‘मुलायम जी पिछड़ों के असली नेता हैं, पीएम मोदी की तरह फर्जी नहीं’

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राजनीति में एक दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाने वाले समाजवादी पार्टी (सपा) के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती शुक्रवार (19 अप्रैल) को यूपी के मैनपुरी में करीब 24 साल बाद फिर एक साथ मंच पर नजर आए। बरसों पुरानी दुश्मनी भूल कर माया-मुलायम ने यूपी के मैनपुरी में शुक्रवार को चुनावी रैली के दौरान मंच साझा किया और मायावती ने मुलायम को जिताने की अपील करते हुए उन्हें पिछड़ों का ‘‘असली नेता’’ करार दिया। इस दौरान माया-मुलायम के अलावा सपा प्रमुख अखिलेश यादव और मायावती के भतीजे आकाश आनंद भी मंच पर मौजूद थे। बीएसपी सुप्रीमो मुलायम सिंह के समर्थन में प्रचार करने के लिए मैनपुरी पहुंचीं थीं।

Photo: @samajwadiparty

वहीं, इस दौरान मुलायम सिंह ने मायावती के इस एहसान की जमकर प्रशंसा की और कहा कि इसे वह कभी भूल नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि मायावती ने हमेशा उनकी मदद की है। मायावती की मौजूदगी में रैली को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि आज मायावती जी आई हैं, उनका हम स्वागत करते हैं, आदर करते हैं। मायावती जी का हमेशा बहुत सम्मान करना, क्योंकि समय जब भी आया है मायावती जी ने हमारा साथ दिया है। हमें खुशी है कि हमारे समर्थन के लिए वो आई हैं।

सपा कार्यकर्ताओं ने किया मायावती का जोरदार स्वागत

1995 में हुए बहुचर्चित गेस्टहाउस कांड के बाद सपा से रिश्ते तोड़ चुकीं मायावती शुक्रवार को जब रैली के लिए क्रिश्चियन कॉलेज के मैदान में पहुंचीं तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। सपा के गढ़ मैनपुरी में मायावती का स्वागत करने वालों में बड़ी संख्या सपा कार्यकर्ताओं की थी। मायावती ने मैनपुरी लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी मुलायम सिंह यादव को जिताने की अपील करते हुए कहा ‘‘इस गठबंधन के तहत मैं मैनपुरी में खुद मुलायम के समर्थन में वोट मांगने आई हूं। जनहित में कभी-कभी हमें कुछ कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। देश के वर्तमान हालत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।’’

बीएसपी प्रमुख ने कहा ‘‘आप मुझसे जानना चाहेंगे कि 2 जून 1995 के गेस्टहाउस कांड के बाद भी सपा-बसपा गठबंधन कर चुनाव क्यों लड़ रहे हैं? इस गठबंधन के तहत मैं मैनपुरी में खुद मुलायम के समर्थन में वोट मांगने आई हूं। जनहित तथा पार्टी के मूवमेंट के लिए कभी-कभी हमें कुछ कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। देश के वर्तमान हालत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। मेरी अपील है कि पिछड़ों के वास्तविक नेता मुलायम सिंह यादव को चुनकर आप संसद भेजें। उनके उत्तराधिकारी अखिलेश यादव अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।’’

Photo: @samajwadiparty

मायावती ने मुलायम को बताया ‘‘असली नेता’

मंच पर मुलायम सिंह के पहुंचने पर मायावती ने खड़े होकर उनका स्‍वागत किया। मायावती ने कहा कि मैनपुरी के लोग मुलायम को ‘‘असली नेता’’ मानते हैं, खासकर पिछड़े वर्ग के लोग। ‘‘मुलायम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के नहीं हैं। मुलायम सिंह असली पिछड़े वर्ग के हैं, वह मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के नहीं हैं।’’ इस अवसर पर सपा सरक्षंक मुलायम सिंह यादव ने कहा ‘‘बहुत दिनों के बाद हम और मायावती एक मंच पर हैं।’’

मुलायम बोले- ‘आपको अहसान को कभी नहीं भूलूंगा’

सपा को जिताने तथा कार्यकर्ताओं से मायावती का हमेशा सम्मान करने की अपील करते हुए मुलायम ने कहा ‘‘आज महिलाओं का शोषण हो रहा है। इसके लिए हमने लोकसभा में सवाल उठाया। संकल्प लिया गया कि महिलाओं का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। आज हमारी आदरणीय मायावती जी आई हैं। हम उनका स्वागत करते हैं। मैं आपके इस अहसान को कभी नहीं भूलूंगा। मायावती जी का हमेशा बहुत सम्मान करना। समय-समय पर उन्होंने हमारा साथ दिया है।’’

गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से चुनाव मैदान में हैं। 1995 गेस्ट हाउस कांड के बाद यह पहला मौका है जब वह मायावती के साथ एक मंच पर नजर आएं। करीब ढाई दशक पहले मुलायम ने कांशीराम के साथ मंच साझा किया था। हालांकि, मायावती ने गठबंधन के दौरान कह दिया था कि वह गेस्ट हाउस कांड को किनारे रखकर जनहित के लिए यह गठबंधन कर रही हैं। (इनपुट- भाषा/आईएएनएस के साथ)

 

 

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