दिल्ली हिंसा: देश की राष्ट्रीय राजधानी में मस्जिद में लगाई गई आग, दक्षिणपंथी सरकार समर्थक चैनलों ने खबर को किया ब्लैकआउट

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देश की राजधानी दिल्ली के अशोक नगर में हिंदुत्व की भीड़ ने मंगलवार (25 फरवरी) को एक मस्जिद में आग लगा दी। इतना ही नहीं हमलावर भीड़ मस्जिद की मीनार पर भी चढ़ गए और उन्होंने वहां पर भगवान हनुमान की तस्वीर वाला झंडा और एक भगवा झंडा लगा दिया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मस्जिद

इस वायरल वीडियो पर तमाम सोशल मीडिया यूजर्स के साथ-साथ कई वरिष्ठ पत्रकारों और प्रमुख राजनेताओं ने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं, दक्षिणपंथी सरकार समर्थक टीवी चैनलों ने इस खबर को ब्लैकआउट करने का फैसला किया। इसके बजाय, कुछ टीवी पत्रकारों ने इस वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। वहीं, कुछ लोग इस वीडियो को फर्जी बताने में लगे हुए है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने भी एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया है कि किसी भी मस्जिद पर हमला नहीं किया गया और ना ही जलया गया है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक नॉर्थ वेस्ट के डीसीपी ने कहा कि, “अशोक विहार इलाके में एक मस्जिद को नुकसान पहुंचाने के बारे में कुछ गलत सूचना / समाचार प्रसारित किए गए हैं। अशोक विहार के क्षेत्र में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। कृपया झूठी जानकारी न फैलाएं।”

इस बीच, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फर्जी खबरों और वीडियो के बारे में चिंता जाहिर की। सिसोदिया ने ट्वीट कर लोगों से अपील की, “कई जगह अफ़वाहें फैलाने का काम भी हो रहा है। जब तक कोई घटना आप अपनी आँखों से होते न देखें तब न तो ऐसी बातों पर यक़ीन करें और न ही इस तरह के Whatsapp मेसेजेस को किसी को भेजें। ऐसे नाज़ुक समय पर सबसे बड़ा योगदान अफ़वाहें न फैलाना भी है।”

हालांकि, जिस मस्जिद पर हमला किया गया था वो अशोक विहार में नहीं बल्कि अशोक नगर में थी।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जब उनकी टीम वहां पहुंची तो उन्होंने मस्जिद की मीनार पर तिरंगा और भगवा झंडा लगा हुआ पाया। अंदर फर्श पर अधलजी कालीनें नजर आईं, इधर-उधर टोपियां भी बिखरी पड़ी थीं। जिस जगह इमाम खड़े होते हैं, वो जलकर पूरी तरह से काली हो चुकी है। मस्जिद के बाहर जुटे लोगों ने बताया कि मंगलवार को इलाके में घुस आई भीड़ ने यह सब किया है।

बता दें कि, उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) को लेकर भड़की साम्प्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 पर पहुंच गई है। वहीं, इस साम्प्रदायिक हिंसा में 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में भड़की हिंसा में अब तक 56 पुलिसकर्मियों समेत करीब 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि, बीते दिन राष्ट्रीय राजधानी के उत्तरपूर्वी इलाके में चांदबाग और भजनपुरा सहित कई क्षेत्रों में हिंसा फैली थी। इस दौरान पथराव किया गया, दुकानों को आग लगाई गई। दंगाइयों ने गोकलपुरी में दो दमकल वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। भीड़ भड़काऊ नारे लगा रही थी और मौजपुर और अन्य स्थानों पर अपने रास्ते में आने वाले फल की गाड़ियों, रिक्शा और अन्य चीजों को आग लगा दी। पुलिस ने दंगाइयों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

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