कांग्रेस समर्थकों का BJP से सवाल- …तो क्या मोरारी बापू भी देशद्रोही हैं?

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गुजरात के सूरत में दो कथित संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल पर गंभीर आरोप लगाए है। राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि इसमें से एक कथित आतंकी उस अस्पताल में काम करता था, जिससे अहमद पटेल जुड़े रहे हैं। रुपानी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मांग की है कि वो अहमद पटेल से इस्तीफा लें।

सरदार पटेल अस्पताल के लिए धन जुटाने के लिए अहमद पटेल के साथ मोरारी बापू की पुरानी तस्वीर।

हालांकि, सीएम की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद खुद अहमद पटेल ने एक साथ कई ट्वीट किए और अपना पक्ष रखा। पटेल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बीजेपी से राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति न करने को कहा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आतंकवाद से लड़ते वक्त गुजरात के शांतिप्रिय लोगों को न बांटें। साथ ही अहमद पटेल ने दावा किया है कि उन्होंने 2013 में ही अस्पताल से इस्तीफा दे दिया था।

उधर, अस्पताल का भी कहना है कि अहमद पटेल या उनके परिवार का कोई सदस्य ट्रस्टी नहीं है। विजय रूपाणी ने कहा कि 23 अक्टूबर 2016 को उस अस्पताल का उद्घाटन था। यहां अहमद पटेल के निमंत्रण पर तत्कालिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी आए थे। मंच पर अहमद पटेल भी नजर आए थे। भले ही उन्होंने इस अस्पताल के ट्रस्टी के तौर पर इस्तीफा दे दिया था, लेकिन पटेल ही कार्यक्रम के मेजबान थे। उनकी जिम्मेदारी बनती है।

…तो क्या मोरारी बापू भी देशद्रोही हैं?

इस बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर काफी तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में उस अस्पताल समारोह के मौके पर उस वक्त के तत्कालिन राष्ट्रपति और अहमद पटेल के अलावा प्रख्यात कथावाचक और धर्मगुरु मोरारी बापू भी मौजूद थे। यह तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस और बीजेपी में जंत तेज हो गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि उद्घाटन समारोह में मोरारी बापू भी मौजूद थे, तो क्या वह भी देशद्रोही हो गए?कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि क्या विजय रुपानी के कहने का अर्थ यह है कि मोरारी बापू पर भी आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगना चाहिए? इतना ही नहीं मोरारी बाबू जी लंबे समय से अस्पताल से जुड़े हुए हैं। धन जुटाने के लिए उन्होंने एक ही अस्पताल के कई कार्यक्रमों में भाग लिया था। लेकिन, बेताब बीजेपी प्रत्येक महान कार्य के बारे में प्रश्न करे, क्योंकि वह किसी भी कीमत पर चुनाव जीतना चाहता है।

मोररी बापू की यह तस्वीर अक्टूबर 2016 की है, जब वह तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ मोरारी बापू भी अंकलेश्वर के सरदार पटेल हॉस्पिटल का उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। इसके अलावा अहमद पटेल भी वहां उपस्थित थे। मोरारी बापू ने पटेल के काम को ‘अदिवासी (आदिवासी)’ को एक महान प्रयास के रूप में स्वास्थ्य सेवा देने के लिए कहा था।

विश्लेषकों का कहना है कि दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी ने जिस प्रकार से अहमद पटेल पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं जिससे राज्य में बीजेपी की हार सीधे तौर पर दिखाई दे रही है। बता दें कि चुनाव आयोग ने गुजरात में चुनाव के तारीखों की घोषणा कर दी है। राज्य में दो चरणों नौ और 14 दिसंबर को मतदान होंगे और मतगणना 18 दिसंबर को होगी।

दरअसल गुजरात का चुनाव सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी दल कांग्रेस के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हैं। बीजेपी के पास जहां सरकार बचाने की चुनौती है वहीं कांग्रेस अपना पुराना गौरव हासिल करने के लिए प्रयासरत है। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस की तरफ से उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी एड़ी-चोटी का जोर एक किए हुए हैं। चुनाव में इस बार कांग्रेस की निगाहें पटेल, ओबीसी और दलित वोटरों पर टिकी हुई है।

 

 

 

 

 

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