18 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, हंगामे के आसार

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संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलेगा। इस सत्र में तीन तलाक सहित अन्य विधेयक सरकार के एजेंडा में शीर्ष पर रहेंगे। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि सत्र में लगभग 18 बैठकें होंगी। संसद सत्र की तारीखों की सिफारिश करने के लिए सोमवार (25 जून) को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक हुई।

File Photo: AP

राष्ट्रपति अब औपचारिक तौर पर सत्र बुलाएंगे। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक कुमार ने कहा, ‘‘हम विपक्षी दलों से सहयोग एवं समर्थन की अपेक्षा करते हैं। विधायी कामकाज के एजेंडे में कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन्हें सरकार मानसून सत्र में लेना चाहती है।’’ उन्होंने कहा कि छह से अधिक अध्यादेश लिए जाएंगे।

मंत्री ने बताया कि तीन तलाक विधेयक लोकसभा में पारित हो गया है और राज्यसभा में लंबित है। यह विधेयक सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने पर जोर देगी। मेडिकल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक और ट्रांसजेंडर विधेयक को भी लिया जाएगा।

कुमार ने कहा कि उच्च सदन के उपसभापति के तौर पर पी जे कुरियन का कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा है। राज्यसभा का उपाध्यक्ष चुनने के लिए चुनाव भी इसी सत्र में होगा। बता दें कि साल में तीन बार संसद के सत्र आयोजित किए जाते हैं। पहला बजट सत्र जोकि फरवरी से मई तक चलता है। जबकि दूसरा मानसून सत्र जोकि जुलाई से अगस्त तक चलता है और तीसरा शीतकालीन सत्र जोकि नवंबर से दिसंबर तक चलता है।

बता दें कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन टूटने और राज्य में राज्यपाल शासन लगने को लेकर विरोधी दल संसद में सरकार को घेरने की कोशिश कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर सभी विरोधी दल एकजुट होकर बीजेपी पर निशाना साध सकते हैं।

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