​क्रिकेट विश्व कप: ऐतिहासिक हैट्रिक पर मोहम्मद शमी का बड़ा खुलासा, महेंद्र सिंह धोनी के गुरुमंत्र से रचा इतिहास

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मोहम्मद शमी की जबर्दस्त हैट्रिक और जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल तथा हार्दिक पांड्या के बेहतरीन प्रदर्शन से भारत ने शानदार वापसी करते हुए अफगानिस्तान को सांसों को रोक देने वाले आईसीसी विश्व कप मुकाबले में शनिवार को 11 रन से हरा दिया। इस विश्व कप की पहली हैट्रिक लगाने वाले शमी की अगुवाई में अपने गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से भारत ने अफगानिस्तान को हराकर सेमीफाइनल की ओर कदम रख दिए, लेकिन रसूखदार प्रतिद्वंद्वी के सामने जबर्दस्त जुझारूपन दिखाने वाली अफगान टीम ने हारकर भी अपने प्रदर्शन से दिल जीत लिया।

Photo: TOI

मोहम्मद शमी ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के रोमांचक विश्व कप मुकाबले के दौरान महेंद्र सिंह धोनी ने सलाह दी थी कि वह हैट्रिक गेंद में यार्कर डाले और उन्होंने भी ऐसा करने के बारे में ही सोचा था। वह चेतन शर्मा के बाद विश्व कप में हैट्रिक लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। 1987 विश्व कप में चेतन शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ यह हैट्रिक हासिल की थी। 50 ओवरों के विश्व कप के इतिहास में यह 10वीं हैट्रिक है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शमी ने 40 ओवर में चार विकेट झटकने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘रणनीति सरल थी और वो यार्कर डालने की थी। यहां तक कि माही भाई ने भी इसी का सुझाव दिया। उन्होंने कहा था, ‘अब कुछ भी मत बदलो, क्योंकि तुम्हारे पास हैट्रिक हासिल करने शानदार मौका है।’’’ उन्होंने कहा, ‘‘हैट्रिक एक शानदार उपलब्धि है और तुम्हें इसके लिए कोशिश करनी चाहिए। इसलिए मैंने वही किया जो मुझे बताया गया था। ’’

भुवनेश्वर कुमार की हैमस्ट्रिंग जकड़न के कारण शमी को इस मैच में खेलने का मौका मिला और बंगाल के इस तेज गेंदबाज ने स्वीकार किया कि वह भाग्यशाली रहे कि उन्हें अंतिम एकादश में शामिल किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘अंतिम एकादश इलेवन में शामिल होने का मौका मिलना थोड़ा मुश्किल होता है। मैं जानता था जब भी मुझे मौका मिलेगा तो इसका पूरा फायदा उठाऊंगा। जहां तक हैट्रिक की बात है तो विश्व कप में कम से कम यह दुर्लभ ही है। मैं इससे खुश हूं।’’

शमी ने कहा कि अंतिम ओवर में सोचने का समय नहीं था और लक्ष्य यही था कि रणनीति के हिसाब से खेला जाए।उन्होंने कहा, ‘‘सोचने का समय नहीं था। आपको अपनी काबिलियत के हिसाब से खेलने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता। अगर आप वैरिएशन आजमाते भी हैं, तो रन बनने की संभावना ज्यादा हो जाती है। मैं बल्लेबाज का दिमाग पढ़ने की कोशिश करने के बजाय अपनी रणनीति का कार्यान्वयन करना चाहता था।’’

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