राज्यसभा में उठी हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद के परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग

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हॉकी के जादूगर और ओलिंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त भारत के महान खिलाड़ी मोहम्मद शहीद को कल हज़ारों लोगों की मौजूदगी में सुपुर्दे ख़ाक कर दिया गया।

शहीद का एक लम्बे अर्से से इलाज चल रहा था और बुधवार को उनकी मृत्यु हो गई थी।

उनके देहांत के एक दिन बाद कल राज्य सभा में कई सदस्यों ने उनके परिवार को हरसंभव मदद दिए जाने की मांग की।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान बीजद के दिलीप टिर्की ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि मोहम्मद शाहिद कई हॉकी खिलाड़ियों के आदर्श थे और उनकी हॉकी स्टिक का कमाल यह था कि 1980 से 1990 के दशक में टीमें कहती थीं

“अगर शाहिद हमारी टीम में हों तो हम दुनिया की किसी भी टीम को हरा देंगे।”

उन्होंने कहा कि मास्को में हुए ओलंपिक खेलों में शाहिद की टीम ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। लेकिन क्रिकेट को छोड़ कर अन्य खेलों के वह दिग्गज खिलाड़ी उपेक्षित होते जा रहे हैं जिन्होंने देश के लिए पदक जीते।

भारतीय हाकी टीम के पूर्व कप्तान रहे टिर्की ने कहा कि शाहिद के परिवार को किसी भी तरह की समस्या नहीं होनी चाहिए और सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने टिर्की के इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया। उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा “मुझे लगता है कि पूरा सदन आपकी इस बात से सहमत है।”

रेल मंत्रालय ने उनके इलाज की ज़िम्मेदारी ली थी और खेल मंत्री ने उन्हें 10 लाख रूपये की सहायता देने का एलान किया था।

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