नगा शांति समझौते का ब्योरा सार्वजनिक करे मोदी सरकार: राहुल गांधी

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नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार(28 फरवरी) को केंद्र से मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस नगा शांति समझौते पर दस्तखत किए हैं, उसकी विषय-वस्तु को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने मोदी पर यह आरोप भी मढ़ा कि वह जहां कहीं जाते हैं, वहां ‘नफरत और झूठ फैलाते हैं।’

राहुल गांधी

इंफाल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि ‘‘केंद्र ने नगा शांति समझौते पर दस्तखत किए हैं, लेकिन इसकी विषय-वस्तु के बारे में किसी को नहीं पता। यहां तक कि मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह और राज्य सरकार को भी इसके बारे में नहीं पता। मणिपुर के लोगों को समझौते की विषय-वस्तु के बारे में अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है?’’

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि ‘‘नरेंद्र मोदी जहां कहीं जाते हैं, वह झूठ, नफरत और भाइयों के बीच दुश्मनी फैलाते हैं। वह झूठे वादे करते हैं। उन्होंने इबोबी सिंह सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के बेबुनियाद आरोप लगाए थे। वह हमेशा गलत दावे करते हैं।’’

राहुल के सुर में सुर मिलाते हुए इबोबी सिंह ने भी मांग की कि समझौते की विषय-वस्तु को सार्वजनिक किया जाए और इसे इंटरनेट पर डाला जाए। उन्होंने कहा कि ‘‘उन्हें (केंद्र को) इसे वेबसाइट पर डालना चाहिए, ताकि लोग देख सकें और फैसला कर सकें कि इससे राज्य (मणिपुर) की क्षेत्रीय अखंडता प्रभावित होगी कि नहीं।’’

गौरतलब है कि ‘‘समझौते की रूपरेखा’’ (फ्रेमवर्क एग्रीमेंट) करार दिए जा रहे नगा शांति समझौते पर केंद्र और एनएससीएन-आईएम ने अगस्त 2015 में दस्तखत किए थे। करीब 18 साल तक चली 80 से ज्यादा दौर की वार्ता के बाद समझौते पर दस्तखत किए गए। पहली सफलता 1997 में उस वक्त मिली जब प्रतिबंधित संगठन के साथ संघषर्विराम समझौते पर दस्तखत किए गए।

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