अकेले नरेन्द्र मोदी और अमित शाह ने लिया सब्रमण्यम स्वामी और नवजोत सिंह सिद्धू को राज्यसभा भेजने का फैसला

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राज्यसभा की 7 सीटों के नामांकन में सब्रमण्यम स्वामी और नवजोत सिंह सिद्धू के चयन का फैसला केवल नरेन्द्र मोदी और अमित शाह ने अकेले मिलकर लिया है। इसके लिये उन्हें किसी वरिष्ठ नेता से विचार करने की भी जरूरत को उचित नहीं समझा।

देश की सबसे बड़ी पार्टियों में एक बीजेपी अब केवल दो लोगों पर केन्द्रित होकर रह गयी है। पार्टी वरिष्ठ नेताओं को ना सिर्फ अनदेखा किया जा रहा है बल्कि सारी शक्तियों के विभाजन व्यक्ति विशेष पर केन्द्रित की जा रही है।
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जनसत्ता की खबर के अनुसार सब्रमण्यम स्वामी और नवजोत सिंह सिद्धू को राज्यसभा भेजने का फैसला अकेले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लिया है। इस बारे में पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओ से किसी तरह की कोई सलाह नहीं ली गई। हालांकि, अरुण जेटली से जरूर इस बारे में विचार-विमर्श किया गया था। इससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी पर केवल दो ही लोगों का नियंत्रण है।

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भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक राज्यसभा के लिए सदस्यों का नॉमिनेशन शाह और मोदी द्वारा अगले तीन महीनों में लिए जाने वाले राजनीतिक फैसलों की सीरिज की शुरुआत है। इसके बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल, शाह की नई टीम और राज्यसभा के लिए अगले चरण के लिए भाजपा उम्मीदावरों का चयन के बारे में फैसला किया जाएगा।

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खबर के अनुसार एक सूत्र ने बताया कि राज्यसभा के लिए छह लोगों को मनोनीत मेरिट के आधार पर किया गया है। हमारे नेतृत्व का कोई पसंदीदा नहीं है और विश्वासपात्र नहीं है। यहां पर कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है। पार्टी के हित केंद्र में है और ये ही चयन का मापदंड है। पार्टी के व्यापक लक्ष्य के लिए जो भी अपना योगदान देता है, वह हमारा पसंदीदा है।

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