‘सबका साथ’, ‘सबका विकास’ के साथ ‘सबका न्याय’ भी जरूरी: मोदी

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि ‘सबका साथ’, ‘सबका विकास’ के साथ ही ‘सबका न्याय’ भी जरूरी है। मोदी ने विधिक सेवा दिवस पर कानून के जानकारों की बिरादरी को संबोधित करते हुए कहा, “मैं ‘सबका साथ’, ‘सबका विकास’ में यकीन रखता हूं और इसके साथ ‘सबका न्याय’ भी जरूरी है।”

Also Read:  UP चुनाव: पोलिंग बूथ पर पिस्टल लेकर पहुंचे BJP नेता संगीत सोम के भाई, पुलिस ने हिरासत मे लिया

इस अवसर पर मोदी ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लोक अदालतों से परिचित होना चाहिए।

लोक अदालतें भारत में विवाद के निराकरण का एक उपाय हैं।

लोक अदालतों में सभी दीवानी मामले, वैवाहिक विवाद, भूमि विवाद, श्रम विवाद आदि और संयोजनीय अपराधिक मामले निपटाए जा सकते हैं।

Also Read:  2002 गुजरात दंगे : हाई कोर्ट ने एक मामले में 11 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई

प्रधानमंत्री ने कहा, “कानूनी जागरूकता के साथ ही संस्थागत जागरूकता भी होनी चाहिए। लोगों को न्याय प्रणालियों की जानकारी होनी चाहिए। मैं इस बात से खुश हूं कि इस बात को लेकर चर्चाएं की जा रही हैं कि गरीबों को किस तरह न्याय मिल सकता है।”

Also Read:  केजरीवाल के निर्देश के बाद भी जनता से नहीं मिल रहे अधिकारी, नाराज CM ने दिया कार्रवाई का निर्देश

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here