पीएम मोदी बोले- वह महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ कहने के लिए साध्वी प्रज्ञा को कभी माफ नहीं कर पाएंगे, कांग्रेस ने पूछा- ‘कहीं यह चुनावी ड्रामा तो नहीं है?’

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे पर दिये गये विवादित बयान पर भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और आतंकी आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के माफी मांगने के बाद भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि ‘प्रज्ञा ने माफी मांग ली है, लेकिन मैं अपने मन से उन्हें कभी माफ नहीं कर पाऊंगा।’

साध्वी प्रज्ञा
फाइल फोटो

मध्य प्रदेश के खरगोन लोकसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी गजेन्द्र पटेल के समर्थन में चुनावी सभा के लिए यहां आये मोदी ने एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘गांधी के बारे में या गोडसे पर जो भी बातें की गयी। इस प्रकार जो भी बयान दिये गये हैं, ये बहुत ही खराब हैं, खास प्रकार से घृणा के लायक हैं, आलोचना के लायक हैं।’ उन्होंने कहा, ‘सभ्य समाज के अंदर इस प्रकार की भाषा नहीं चलती। इस प्रकार की सोच नहीं चल सकती। इसलिये ऐसा करने वालों को सौ बार आगे सोचना पड़ेगा।’

मोदी ने कहा, ‘दूसरा उन्होंने (प्रज्ञा) माफी मांग ली, अलग बात है। लेकिन मैं अपने मन से माफ नहीं कर पाऊंगा।’ इस चैनल के पत्रकार ने मोदी से सवाल किया था कि साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे पर बयान दिया और फिर माफी मांगना क्या आपको लगता है कि इस तरह के उम्मीदवार पर पार्टी को अनुशासनात्मक कार्रवाई करना चाहिए?

पीएम मोदी के इस बयान पर कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि वे बापू का अपमान करनेवाली साध्वी प्रज्ञा को कभी माफ नहीं करेंगे। सुनकर अच्छा लगा।किन्तु साक्षी महाराज ने पहले कई बार गोडसे को देशभक्त कहा है। फिर उनको माफ भी कर दिया और दुबारा टिकट भी दे दी। कहीं यह चुनावी ड्रामा तो नहीं है?

व्यापक निंदा के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी ट्विटर पर एक स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “विगत 2 दिनों में श्री अनंतकुमार हेगड़े, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और श्री नलीन कटील के जो बयान आये हैं वो उनके निजी बयान हैं, उन बयानों से भारतीय जनता पार्टी का कोई संबंध नहीं है।”

उन्होंने आगे लिखा, “इन लोगों ने अपने बयान वापिस लिए हैं और माफ़ी भी मांगी है। फिर भी सार्वजनिक जीवन तथा भारतीय जनता पार्टी की गरिमा और विचारधारा के विपरीत इन बयानों को पार्टी ने गंभीरता से लेकर तीनों बयानों को अनुशासन समिति को भेजने का निर्णय किया है।” एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “अनुशासन समिति तीनों नेताओं से जवाब मांगकर उसकी एक रिपोर्ट 10 दिन के अंदर पार्टी को दे, इस तरह की सूचना दी गयी है।”

गौरतलब है कि देवास लोकसभा सीट पर 19 मई को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी महेन्द्र सोलंकी के समर्थन में आगर मालवा में रोड शो कर रही प्रज्ञा ने एक सवाल के जवाब में स्थानीय न्यूज चैनल से बृहस्पतिवार को कहा था, ‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। गोडसे को आतंकी बोलने वाले खुद के गिरेबान में झांक कर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसा बोलने वालों को जवाब दे दिया जाएगा।’

हालांकि उनके बयान से भाजपा ने पल्ला झाड़ लिया था और विवाद बढ़ता देख प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बयान पर माफी मांग ली थी। (इंपुट: भाषा के साथ)

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