मध्यप्रदेश में मोदी की रैली में भीड़ जुटाने केलिए कालेजों को 100, 100 छात्रों को लाने का हुक्म

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14 अप्रैल को महू में पीएम मोदी की पहली बार रैली होने वाली है। मोदी सरकार के लिये रैली में भीड़ जुटा पाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।

इसलिये सरकार ने हर कालेज को सौ-सौ छात्र बसों में भरकर लाने के आदेश थमा दिए है।

विपक्ष का कहना है कि दो साल के कार्यकाल में पीएम मोदी के आर्कषण में जबरदस्त गिरावट आई है। इसलिये देश और विदेश में मोदी के कार्यक्रमों से भीड़ नदारद है। इसलिये अब सरकार हर वो सम्भव प्रयास कर रही है जिससे मोदी के कार्यक्रमों में मैदान भीड़ से भरे दिखाई दे। 14 अप्रैल की रैली में मात्र 3 दिन शेष रह गए है।

इसके लिये राज्य सरकार ने बाकायदा अपनी कवायद भी शुरू कर दी है। सभी कालेजों को आदेश जारी करते हुए सौ-सौ छात्र भेजने के आदेश दिये गए है। यहीं नहीं इस काम के लिये बाकायदा बसों से छात्रों का लाया और ले जाया जाएगा जिसका खर्च भी कालेजों को ही वहन करना होगा। सरकार की और से सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास) का पत्र सभी कालेजों में आदेश के रूप में पहुंच गया है। आदेश की गम्भीरता को समझाने के लिये अलग से लिख भी दिया गया है कि कलेक्टर द्वारा आदेशित।

पीएम मोदी का ये कार्यक्रम अंबेडकर जंयति के मौके पर आयोजित होने वाला है। महू के इस जिले में 250 कालेज आते है। सौ-सौ छात्रों की भीड़ प्रत्येक कालेज से जुटाने के लिये प्रशासन को ऐड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा हैं।

दरअसल अभी भी कई कालेजों में सेमेस्टर की परीक्षा चल रही है और कई कालेजों के हाॅस्टल भी खाली हो चुके है। छात्रों की बिना उनकी मर्जी के भीड़ बनाकर ले जाना प्रशासन के लिये टेड़ी खीर साबित हो रहा है।

जबकि इस पूरे मामले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नंद कुमार चैहान का कहना है कि पीएम मोदी पहली बार महू आ रहे है जिसको लेकर युवाओं में बेहद उत्साह है इसलिये युवाओं की इतनी भीड़ जुटाई जा रही हैं।

अब भीड़ जुटाने के लिये शासन और प्रशासन की और से ये जबरदस्ती भरा कदम कितना सार्थक साबित होगा ये 14 अप्रैल को होने वाली महू रैली से ही पता चलेगा। बाहरहाल सरकारी तंत्र का इतने शानदार कामों में इस्तेमाल बेहद सराहनीय कदम है।

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