जब नरेंद्र मोदी ने स्मृति ईरानी से कहा ‘मुझे अख़बार के संपादकीय से मत आंको’

0

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के अमेठी में नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे साल की सालगिरह मनाने पहुंची केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी से जब पूछा गया कि क्या वह आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार होंगी तो स्मृति ईरानी ने कहा कि ‘मेरी पार्टी, काडर आधारित पार्टी है। ऐसे में अंतिम रूप से यह निर्णय मेरी पार्टी के अध्य क्ष और नेतृत्व को करना है।’ ईरानी ने यह भी कहा कि साल 2019 में अमेठी में उनके फिर से चुनाव लड़े जाने का फैसला भी पार्टी लेगी।

एनडीटीवी इंडिया के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्वभ शैली के संबंध पर पूछे गए सवाल पर स्मृति ईरानी का कहना था कि ‘पीएम सभी से सलाह लेते हैं। यहां तक कि वह आपकी सहमति को भी सीधे तौर पर नहीं मान लेते और आपसे पूछ लेते हैं कि आखिर आप उनसे सहमत क्यों नहीं हैं और तब आपको अपना पक्ष प्रस्तुत करना पड़ता है।’

Also Read:  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय से ब्रेक लेकर पुजारी के रूप में गोरखनाथ मंदिर लौटे योगी आदित्यनाथ

ईरानी ने अपना ही उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह प्रधानमंत्री मोदी फीडबैक के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और गलतियों को माफ करने में वक्त नहीं लगाते। साल 2002 गुजरात दंगों के बाद स्मृति ईरानी ने सार्वजनिक तौर पर मोदी की निंदा की थी और उनसे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की मांग की थी। स्मृति ईरानी बताती हैं ‘उस वक्त मैं छोटी थी और मोदी तो बीजेपी के स्टार थे। वह चाहते तो पार्टी से कहकर इस नई लड़की को बाहर का रास्ता दिखवा सकते थे या कह सकते थे कि इसे ऐसी जगह दिखाओ कि यह कभी राजनीतिक तौर पर उठ न सके।’

Also Read:  कैटरीना कैफ ने अपने प्रशंसकों को दिया #DoTheStretch चैलेंज

स्मृति ईरानी उस वक्त को याद करते हुए कहती हैं ‘बल्कि उन्होंने (मोदी ने) मुझे बैठाया और मुझसे कहा कि तुम इस नतीजे पर कैसे पहुंची।’ जब जवाब में ईरानी ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया तो जवाब मिला ‘मुझे अखबारों के संपादकीय से मत परखो, मुझे मेरी योजनाओं और उसके प्रभावों से आंको और अगर इसमें कुछ गड़बड़ हो तो बताओ कि उस कार्यक्रम में यह कमी है, उसे दूर करने में मेरी मदद करो ताकि मैं विकास के वादे को पूरा कर सकूं।’

Also Read:  'दंगल की गीता' ज़ायरा वसीम ने खुलेआम माफी मांगकर सबको किया हैरान

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि किस तरह नरेंद्र मोदी ने उन्हें सलाह दी थी कि ‘मैं कोई माफी या स्पष्टीकरण नहीं चाहता। अगर तुम किसी एक योजना से जुड़ सकती हो और उसे सफल बनाने में मेरी मदद कर सकती हो तो पार्टी के लिए तुम्हें बस यही करना चाहिए।’ स्मृति ने आगे कहा कि उस व्यक्ति (मोदी) के लिए मेरे मन में सम्मान रातों रात बढ़ गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here