मोदी सरकार के मंत्री बोले- विकृत मानसिकता वाले लोगों ने शुरू की #MeToo मुहिम

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देश भर में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के तहत हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। महिलाओं के इस अभियान का बड़े पैमाने पर समर्थन भी मिल रहा है। इस ‘मी टू’ मुहिम में हर रोज नए-नए नाम उभरकर सामने आने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। ‘मी टू’ अभियान (यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान) के लपेटे में आए पूर्व संपादक और विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

मोदी
फाइल फोटो

यौन शोषण के आरोपों में घिरे अकबर ने बुधवार (17 अक्टूबर) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अकबर पर ‘मीटू मूवमेंट’ के तहत पत्रकार प्रिया रमानी सहित 20 महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। अब उनके इस्‍तीफे को लेकर मोदी सरकार के एक मंत्री ने विवादित बयान दिया है।

बुधवार को पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री पॉन राधाकृष्णन ने कहा कि ‘विकृत मानसिकता वाले लोगों’ ने #MeToo मुहिम शुरू की है। उन्होंने यह सवाल भी किया कि सालों पहले हुई घटनाओं पर अब आरोप लगाना कहां तक उचित है। एनटीडीवी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, राधाकृष्णन ने कहा, ‘यदि कोई आरोप लगाता है कि ऐसी चीज हुई… जब घटना हुई उस वक्त हम पांचवीं कक्षा में एक साथ खेल रहे थे… तो क्या यह उचित होगा?’

रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा ‘यह (#MeToo) विकृत मानसिकता वाले कुछ लोगों के बर्ताव का नतीजा है।’ राधाकृष्णन ने कहा कि #MeToo मुहिम ने देश और महिलाओं की छवि खराब की है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पुरुषों के लिए ऐसे ही आरोप लगाना सही रहेगा. उन्होंने कहा, ‘वह तो बड़ा अपमान होगा… क्या यह स्वीकार्य होगा?’

बता दें कि दस साल पहले साल 2008 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के सेट पर अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की घटना को साझा करते हुए तनुश्री ने फिल्म मेकर, अभिनेता नाना पाटेकर और कोरियोग्राफर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाने के बाद अकेली पड़ीं तनुश्री दत्ता को धीरे-धीरे बॉलीवुड के तमाम बड़े सितारों का सपोर्ट मिल रहा है। इसके बाद तनुश्री ने नाना पाटेकर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा दी है। तनुश्री के बाद फिल्म इंडस्ट्री से कई महिलाएं सामने आईं जिसके बाद देशभर में #MeToo मूवमेंट शुरू हो गया।

गौरतलब है कि नाना पाटेकर के बाद जहां डायरेक्टर विकास बहल, मशहूर सिंगर कैलाश खेर, अभिनेता रजत कपूर, मॉडल जुल्फी सैयद, अभिनेता आलोक नाथ, ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ (एचटी) के ब्यूरो प्रमुख और राजनीतिक संपादक प्रशांत झा सहित एमजे अकबर पर भी यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। अकबर ने अपने खिलाफ लगे इन आरोपों को लेकर बुधवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

अकबर ने दिया इस्तीफा

यौन शोषण के आरोपों में घिरे एमजे अकबर ने आखिरकार बुधवार (17 अक्टूबर) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एक बयान में अकबर ने कहा है ‘चूंकि मैंने निजी तौर पर कानून की अदालत में न्याय पाने का फैसला किया है, इसलिए मुझे यह उचित लगा कि मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूं।’ बयान में उन्होंने आगे कहा है ‘मैं, अपने खिलाफ लगाए गए झूठे आरोपों को निजी तौर पर चुनौती दूंगा। अत: मैं विदेश राज्य मंत्री पद से त्यागपत्र देता हूं।’

उन्होंने कहा ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बेहद आभारी हूं कि उन्होंने मुझे देश की सेवा करने का अवसर दिया।’ वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर बुधवार को अकबर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

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