दावोस: दुनिया की टॉप कंपनियों के CEOs से मिले PM मोदी, बोले- ‘भारत का मतलब बिजनेस’

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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम या विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त दावोस में हैं। वह इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ भारत की भविष्य की गतिविधियों पर अपना ‘विजन’ पेश करेंगे। इससे पहले सोमवार (22 जनवरी) को पीएम मोदी ने दावोस में आयोजित हो रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दुनिया की टॉप बिजनेस कंपनियों के चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर्स (सीईओ) की राउंड टेबल मीटिंग की मेजबानी की।

PHOTO: @MEAIndia

पीएम मोदी ने सीईओ से बताया कि भारत का मतलब बिजनेस होता है और भारत में ग्लोबल बिजनेस के लिए काफी आकर्षक मौके उपलब्ध हैं। उन्होंने ग्लोबल सीईओ को भारत की ग्रोथ की कहानी बयां की। उनके साथ विजय गोखले, जय शंकर और रमेश अभिषेक समेत वरिष्ठ सरकारी अधिकारी थे। राउंड टेबल मीटिंग में ग्लोबल कंपनियों के 40 सीईओ और भारत के 20 सीईओ ने शिरकत की।

मीटिंग के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि पीएम मोदी ने दावोस में दुनिया की टॉप बिजनेस कंपनियों को भारत की ग्रोथ की कहानी बयां की और भारत में उपलब्ध आकर्षक अवसर के बारे में बताया। बता दें कि पीएम मोदी सोमवार शाम दावोस पहुंचे। वह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इंटरनेशनल बिजनेस कम्यूनिटी के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। गौरतलब है कि पीएम मोदी 20 सालों में दावोस में हिस्सा लेने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।

इस बैठक से इतर पीएम मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट से मुलाकात की और उनसे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। मोदी ने एक ट्वीट कर कहा, ‘दावोस पहुंचने पर मैंने स्विस कन्फेडरेशन के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट से बातचीत की। हमने द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं की समीक्षा की तथा इसे और मजबूत बनाने पर चर्चा की।’

वहीं बर्सेट ने कहा कि यह चर्चा दुनिया के सबसे बड़े और पुराने लोकतंत्रों की मुलाकात दर्शाती है। मोदी का आभार जताते हुए स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति ने कहा कि वह भारत के साथ हमारे संबंध और मजबूत करना जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री विश्व आर्थिक मंच के पूर्ण सत्र में एक मुख्य भाषण देंगे और मोदी वैश्विक व्यापारिक समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगे। इस साल के सम्मेलन का विषय ‘क्रिएटिंग ए शेयर्ड फ्यूचर इन ए फ्रैक्चर्ड वर्ल्ड’ है।

देश की ताकत का कराएंगे एहसास

प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार (23 जनवरी) को 48वें विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) के अधिवेशन को संबोधित करेंगे। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मोदी भारत की ताकत का एहसास कराएंगे। वे भारत को एक नए, युवा और उन्नत होकर उभर रहे एक देश के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं।

भारत को खुली अर्थव्यवस्था वाले देश के रूप में पेश करते हुए उनकी कोशिश दुनिया के आर्थिक जगत के इस महाकुंभ में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत वैश्विक कंपनियों को देश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की होगी। भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में अहम भागीदार, भारत में कारोबार आसान बनाने, भ्रष्टाचार और काला धन घटाने, टैक्स प्रणाली सरल बनाने और देश के निरंतर विकास के लिए उठाए गए जरूरी कदमों पर भी प्रधानमंत्री चर्चा कर सकते हैं।

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की इस 48वीं बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 130 शीर्ष वैश्विक नेता भी शिरकत करेंगे। 1997 में एचडी देवेगौड़ा के बाद 20 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे पीएम मोदी इसमें मंगलवार को उद्घाटन भाषण देंगे। साथ ही इसमें योग का प्रशिक्षण सत्र भी होगा।

 

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