राफेल पर अब एक नए खुलासे के बाद फिर मचा हंगामा, राहुल गांधी ने कहा- ‘चोरी कराने के लिए चौकीदार ने दरवाजा खुद खोला’

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‘जनता का रिपोर्टर’ द्वारा पिछले साल पहली राफेल सौदे को लेकर किए गए खुलासे के बाद यह विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच राफेल सौदे पर सोमवार (11 फरवरी) को अंग्रेजी के प्रतिष्ठित अखबार ‘द हिंदू’ के एक नए खुलासे से सत्ता पक्ष भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर कांग्रेस हमलावर हो गई है। राफेल डील को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार खुलासे का दावा करने वाले अखबार ‘द हिंदू’ की अब एक नई रिपोर्ट पर घमासान छिड़ गया है।

राहुल गांधी
REUTERS/Anushree Fadnavis/File Photo

अखबार ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि फ्रांस के साथ हुई इस राफेल डील के समझौते पर दस्तख्त करने से कुछ दिन पहले ही सरकार ने मानक रक्षा खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ पेनाल्टी से जुड़े अहम प्रावधानों को हटा दिया था। राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार विरोधी दंड से जुड़े अहम प्रावधानों को हटाने संबंधी खबर की पृष्टभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि ‘30 हजार करोड़ रुपये की चोरी कराने के लिए चौकीदार ने दरवाजा खुद खोला है।

राहुल गांधी ने ‘द हिंदू’ की खबर को ट्विटर पर शेयर करते हुए कहा, ‘‘चौकीदार ने अनिल अंबानी को वायुसेना से 30 हजार करोड़ रुपये की चोरी कराने के लिए खुद दरवाजा खोला।’’ इसके अलावा आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में अनशन कर रहे मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का समर्थन करने के लिए पहुंचे गांधी ने वहां भी राफेल का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की बात करके सत्ता में आए थे। क्या आप लोगों ने हिंदू अखबार पढ़ा है? प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के लोगों के पैसे चुराए और वह अनिल अंबानी को दिए। चौकीदार चोर है।’’ अखबार की खबर में कहा गया है कि फ्रांस के साथ इस सौदे के समझौते पर दस्तख्त करने से चंद दिन पहले ही सरकार ने इसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ पेनाल्टी से जुड़े अहम प्रावधानों को हटा दिया था।

बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को भी ‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत एवं फ्रांस के बीच 59,000 करोड़ रुपये के राफेल सौदे में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के ‘दखल’ पर रक्षा मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई थी। अखबार की रिपोर्ट में कहा गया था कि रक्षा मंत्रालय ने इसको लेकर आपत्ति जताई कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने राफेल विमान सौदे को लेकर फ्रांस के साथ समानांतर बातचीत की जिससे इस बातचीत में रक्षा मंत्रालय का पक्ष कमजोर हुआ।

हालांकि, अखबार की रिपोर्ट पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारण ने शुक्रवार को लोकसभा में कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि विपक्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों और निहित स्वार्थ से जुड़े तत्वों के हाथों में खेल रहा है। बता दें कि कांग्रेस और राहुल गांधी राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप सरकार और अनिल अंबानी पर लंबे समय से लगा रहे हैं। सरकार और अनिल अंबानी के समूह ने आरोपों को पहले ही सिरे से खारिज किया है।

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