दो साल के जश्न का विज्ञापन देने में मोदी सरकार ने लुटाए 127.89 करोड़ रुपये

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एक आरटीआई के जवाब में पता चला है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दो वर्षगांठ मनाने के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापनों पर 127.89 करोड़ रुपये की भारी रकम खर्च की है।

सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के लिए खर्च की गई इस बड़ी रकम से 6,000 रुपए के मासिक वेतन के साथ लगभग एक साल के लिए 20,000 लोगों को रोज़गार मिल सकता था। अहमदाबाद के कार्यकर्ता द्वारा दायर की गई आरटीआई के जवाब के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सरकार की पहली सालगिरह पर प्रिंट मीडिया में 26.35 करोड़ रुपये की लागत लगी थी।

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मोदी सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर विज्ञापन का खर्च 23.28 करोड़ रुपये था और प्रिंट की लागत 35.59 करोड़ रुपये रहा था, एफएम और ऑल इंडिया रेडियो पर 2 साल पूरा होने के जश्न पर विज्ञापन खर्च 16.70 करोड़ रुपये था।
विश्लेषकों का कहना है कि एक निर्वाचित सरकार की ओर से इस तरह जश्न मनाने से देश में बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों का गुस्सा इस्से भड़क सकता है।

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एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की ग्रामीण बेरोजगारी की दर 7.15 % पर है और शहरी दर 9.62 % रही। देश में बेरोजगारी की समग्र दर 7.97 % रही है

आरटीआई के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ने जनता का रिपोर्टर को बताया ‘ये मेरा प्रधानमत्री मोदी से दूसरी बार अनुरोध है कि विज्ञापन पर खर्च के बजाए भारत के लोगों के लिए काम पर ध्यान केंद्रित करें, प्रधानमंत्री को विज्ञापनों पर इतना खर्चा करके क्या हासिल होगा’

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