उत्तर प्रदेश के बरेली में मॉब लिंचिंग: भीड़ की पिटाई से घायल 32 वर्षीय व्यक्ति ने अस्पताल में तोड़ा दम, इलाके में तनाव

0

कोरोना महामारी के बीच भी उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। यहां एक गांव में चोरी के शक में 32 वर्षीय व्यक्ति को कथित तौर पर भीड़ ने पेड़ से बांधकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

 

 

उत्तर प्रदेश
प्रतिकात्मक फोटो

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शुक्रवार को हमलावरों में से कुछ लोग इसमें बस मजे लेने के लिए शामिल हो गए और पीड़ित के साथ मोबाइल कैमरों के लिए पोज दिए जबकि बासिद खान को बेरहमी से पीटा जा रहा था। बाद में पता चला कि बासिद एक शराबी था लेकिन चोर नहीं था। बासिद को पुलिस के हवाले कर दिया गया जिसने उसे रिहा कर दिया क्योंकि कोई भी उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए आगे नहीं आया। उसका परिवार उसकी हालत को देखते हुए उसे अस्पताल ले गया जहां अगले दिन आंतरिक रक्तस्राव से उसकी मौत हो गई। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शैलेश पांडे ने पत्रकारों को बताया कि, मुझे एक वीडियो मिला है जिसमें बासिद एक पेड़ से बंधा हुआ दिखाई दे रहा है और स्थानीय लोग उसकी पिटाई कर रहे थे। हम घटना के वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। शरीर पर चोटों के निशान नहीं है। मौत के कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा।

बासिद की मां ने पत्रकारों से कहा, लोग मेरे बेटे को मजे के लिए पीट रहे थे। पुलिस उसे रिक्शा से घर छोड़ गई और बासिद बहुत दर्द में था। हम उसे अस्पताल ले गए, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई।

बता दें कि, उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए है कि राज्य सरकार और प्रशासन दोनों इनके आगे बेबस नजर आ रहे हैं। राज्य में अपराधी इस कदर बेखौफ हो चुके हैं कि वो घटना को कही भी अंजाम देकर मौके से फरार हो जाते है। हर दिन राज्य के किसी न किसी हिस्से रेप, हत्या, लूट जैसी घनाओं की खबरें सामने आती रहती हैं। विपक्ष लगातार योगी सरकार को घेर रहा और यह मांग कर रहा है कि सीएम बोलने की बजाय प्रदेश में बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने पर ध्यान दें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here