‘मित्रों, शाह-जादे के बारे में ना बोलूंगा, ना बोलने दूंगा’- राहुल का PM मोदी पर जोरदार हमला

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न्यूज वेबसाइट ‘द वायर’ में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी का टर्नओवर कथित तौर पर 16 हजार गुना बढ़ने की खबर ने सियासी हलकों में मचा हंगामा थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। जय शाह पर लगे आरोपों ने कांग्रेस को बैठे-बैठे एक हथियार दे दिया है, जब से यह खबर आई है उसके बाद से ही कांग्रेस अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर है।

मोदी
फोटो- @OfficeOfRG

इसी बीच एक बार फिर से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह के बेटे जय शाह के कंधे पर बंदूक रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल ने ट्वीट कर लिखा, ‘मित्रों, शाह-जादे के बारे में ना बोलूंगा, ना बोलने दूंगा।’ गौरतलब है कि जादा, जादे या जादी पारसी के शब्द हैं जिनका इस्तेमाल किसी राजा के बेटे या बेटी के लिए किया जाता है।

अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के टर्नओवर को लेकर राहुल गांधी काफी आक्रामक हैं। बता दें कि, कांग्रेस इससे पहले यह मुद्दा उठा चुकी है कि जय शाह की कंपनी का कारोबार एक साल में 50,000 रुपये से बढ़कर 80 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गया?

इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष ने विवाद में फंसे अमित शाह के बेटे जय शाह को सरकारी कानूनी मदद दिए देने पर बीजेपी पर तंज कसा था। राहुल ने एक तमिल फिल्म के गाने ‘कोलावेरी डी’ के बोल को थोड़ा बदलते हुए मंगलवार (17 अक्टूबर) को ट्वीट किया, ‘शाह-जादा को सरकारी कानूनी मदद! वाइ दिस, वाइ दिस कोलावेरी डा?’

बता दें कि जय शाह पिछले दिनों उनकी कंपनी के कारोबार को लेकर मीडिया में आयी एक खबर के कारण विवादों में हैं, इस बारे में शाह के बचाव में केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी उतरे थे। इससे पहले कांग्रेस भी जय शाह के खिलाफ आरोपों की जांच की मांग कर चुकी है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने इन आरोपों की जांच की मांग करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।

जानिए क्या है पूरा मामला?

दरअसल, न्यूज वेबसाइट ‘द वायर’ ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय अमितभाई शाह की स्वामित्व वाली कंपनी का सालाना टर्नओवर नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री और पिता अमित शाह के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद 16,000 गुना बढ़ गया। वेबसाइट के मुताबिक, यह खुलासा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) में दाखिल किए गए दस्तावेजों से सामने आई है।

द वायर ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि कंपनी की बैलेंस शीटों और आरओसी से हासिल की गई वार्षिक रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2013 और 2014 के मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्षों में शाह की टेंपल इंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कोई खास कारोबार नहीं कर रही थी और इन वर्षों में कंपनी को क्रमशः 6,230 और 1,724 रुपये का घाटा हुआ।

वहीं, 2014-15 में कंपनी ने महज 50,000 रुपये की आमदनी पर 18,728 रुपये का लाभ दिखाया। जबकि 2015-16 में कंपनी का टर्नओवर आसमान में छलांग लगाते हुए बढ़कर 80.5 करोड़ रुपये को छू गया। यह 2014-15 के मुकाबले 16 हजार गुना ज्यादा है।

वेबसाइट का दावा है कि टेंपल इंटरप्राइज के राजस्व में यह हैरान करने वाली बढ़ोत्तरी एक ऐसे समय में हुई जब कंपनी को राज्यसभा सांसद और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शीर्ष एक्जीक्यूटिव परिमल नाथवानी के समधी राजेश खंडवाला के स्वामित्व वाली एक वित्तीय सेवा कंपनी से 15.78 करोड़ रुपये का असुरक्षित कर्ज मिला था।

हालांकि, एक साल बाद अक्टूबर, 2016 में जय शाह की कंपनी ने अपनी व्यापारिक गतिविधियों को अचानक पूरी तरह से बंद कर दिया। द वायर के मुताबिक, निदेशकों की रिपोर्ट में यह कहा गया कि पिछले वर्ष हुए 1.4 करोड़ रुपये के घाटे और इससे पहले के सालों में होने वाले नुकसानों के कारण कंपनी का नेटवर्थ पूरी तरह से समाप्त हो गया है।

100 करोड़ का दायर किया केस:

इस मामले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह ने वेब पोर्टल ‘द वायर’ से जुड़े सात लोगों के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। अहमदाबाद के मेट्रोपॉलिटन कोर्ट में जय अमितभाई शाह ने ‘द वायर’ की रिपोर्टर रोहिणी सिंह, फाउंडर एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन, सिद्धार्थ भाटिया, एमके वेणु, मोनोबिना गुप्ता, पामेला फिलिपोज को इस मानहानि केस में पार्टी बनाया है। जय शाह ने ‘द वायर’ की मिल्कियत रखने वाले ट्रस्ट ‘फ़ाउंडेशन फ़ॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज़्म’ पर भी केस किया है।

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