BJP के लिए वोट करने वाले खामोश जनमत को अपनी गलती का अहसास है: प्रकाश राज

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अभिनेता प्रकाश राज ने भाजपा के खिलाफ एक बार फिर से हमला बोलते हुए कहा कि लोगों की चुप रहने वाला बहुमत अब भाजपा के लिए मतदान करने की वजह से अपनी गलती का अहसास कर रहा है बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए, प्रकाश राज ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को अपनी निराशा व जनसमूह में फैले असंतोष को शांत करने में विफल होने पर आड़े हाथ लिया।

प्रकाश राज

उन्होंने कहा कि विज्ञापन कंपनी ने उन्हें बताया कि उनका नाम एक विवाद में है इसलिए इसे प्रसारित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यहां तक कि बॉलीवुड कलाकार शाहरुख खान और आमिर खान ने भी अतीत में इसी तरह की स्थिति का सामना किया था।

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आपको बता दे कि पूर्व में मोदी सरकार की नीतियों पर बोलने की वजह से अभिनेता आमिर खान और शाहरूख का बाॅयकाट शुरू हो गया था। इसके लिए बीजेपी के आईटी सेल ने बाकायदा कैम्पेन भी चलाए थे यह खुलासा ट्रोल पर आधारित एक किताब से सामने आया था।

आपको बता दे कि पूर्व में प्रकाश राज ने अपनी दोस्त और पत्रकार गौरी लंकेश की भयावह हत्या के मद्देनजर हिंदुत्व ब्रिगेड के आरोपियों को पकड़ने के लिए भी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने पत्रकार गौरी लंकेश की भयावह हत्या पर प्रधानमंत्री की चुप्पी को लेकर उन्हें खुद से बेहतर अभिनेता करार दिया था।

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रविवार को प्रकाश राज ने एक बार फिर हिंदुत्व की राजनीति करने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि यहीं लोग नागरिकों के बीच भय पैदा करने के लिए जिम्मेदार क्यों हैं।

उन्होंने कहा, आप गाय पर कानून पास करते हैं सिर्फ इसलिए कि आपको संदेह है, कोई गाय को मार सकता है। उन्होंने आगे कहा कि यदि एक युवा जोड़ा बैठा हैं, तो आप उन पर हमला कर सकते हैं और एक युवा जोड़ा शादीशुदा हुआ तब! क्या आप इससे डर पैदा नहीं कर रहे है यह डर नहीं तो और क्या है।

ताजमहल और टीपू सुल्तान के विवाद पर टिप्पणी करते हुए, लोकप्रिय अभिनेता ने हिंदुत्व सेना से कहा कि वह इस प्रकार से लोगों का समय बर्बाद कर रही हैं।

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इसके अलावा एक ट्विटर पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि हमारे देश में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और युवाओं की बेरोजगारी, किसानों की दुर्दशा पर ध्यान देने की बजाय शासन और विकास पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय चुनाव जीतने पर ध्यान दिया जाता हैं।

प्रकाश राज ने सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान बजाने के मुद्दे पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्‍होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी को भी सिनेमा हॉल में खड़े होकर अपनी देशभक्ति का सबूत देने की जरूरत है।’

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