नोएडा: MeToo के आरोपों से आहत जेनपैक कंपनी के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट स्वरूप राज खुदकुशी करने को हुए मजबूर, पत्नी के लिए लिखा इमोशनल नोट

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जेनपैक कंपनी के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट स्वरूप राज ने मंगलवार रात नोएडा में अपने घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। 35 वर्षीय स्वरुप राज पर कंपनी की दो महिला सहकर्मियों ने MeToo अभियान के तहत यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

नोएडा

स्वरूप राज नोएडा सेक्टर-137 स्थित पैरामाउंट फ्लोर विले सोसाइटी में पत्नी के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि साल 2007 से स्वरूप राज जेनपैक कंपनी में काम कर रहें थे। उनकी पत्नी स्वरूप कृति भी उनके साथ इसी दफ्तर में काम करती थी। करीब दो साल पहले दोनों का प्रेम विवाह हुआ था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, अपने सुसाइड नोट में उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है।

उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा, हाय कृति, आज मैं दुनिया छोड़ना चाहता हूं। आपको बताना चाहता हूं कि मैं आपसे कितना प्यार करता हूं। कंपनी में लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप झूठे हैं, मुझ पर यकीन करना। अगर मैं जांच में निर्दोष भी साबित हुआ तो भी लोग मुझे शक की नजरों से देखेंगे, कंपनी में फिर किस मुंह से जाऊंगा।

उन्होंने आगे लिखा, मैं चाहता हूं कि आप मजबूती से रहें और पूरी तरह से जीवन जी सकें क्योंकि आपके पति ने कुछ भी नहीं किया है। मैं जा रहा हूं क्योंकि यदि मैं निर्दोष भी साबित हुआ तो भी लोग मुझे गलत नजर से देखेंगे, जिसे मैं सहन नहीं कर पाऊंगा। इसलिए मेरे पास किसी का सामना करने का साहस नहीं है।

बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात जब कृति घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था और काफी देर तक स्वरूप को फोन भी किया, लेकिन फोन नहीं उठाया। जिसके पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए। घर के अंदर पहुंचते ही लोगों ने देखा कि सामने पंखे पर स्वरूप का शव लटका हुआ था। लाश के पास ही एक सुसाइड नोट भी था। घटना का जानकारी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

लाश के पास से पुलिस को जेनपैक्ट का लेटर भी मिला है, जिसमें लिखा है कि जब-तक स्वरूप पर यौन उत्पीड़न की कथित शिकायत की जांच पूरी नहीं होती, तब-तक उन्हें काम नहीं करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्वरूप की पत्नी कृति ने कंपनी पर आरोप लगाया कि बिना बात किए और बिना जांच किए सस्पेंड करना गलत है। वो लड़कियां भी गलत हैं, जिन्होंने आरोप लगाया। मृतक की पत्नी ने कंपनी की पति की मौत का जिम्मेदार बताया है।

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