मेघालय में भी NDA की बनेगी सरकार, कोनराड संगमा होंगे मुख्यमंत्री, सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस के ‘हाथ’ से सत्ता फिसली

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मेघालय में भी एनडीए की सरकार बनेगी। 21 सीटें जीतकर भी कांग्रेस सत्ता से दूर रह गई और महज दो विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार में शामिल होने जा रही है। राज्य में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के नेतृत्व वाली सरकार में यूडीपी, बीजेपी और एचएसपीडीपी भी शामिल होगी।

(Express Photo: Tashi Tobgyal/File)

एनपीपी नेता कोनराड के. संगमा ने रविवार शाम को राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। उन्होंने एनपीपी (19), बीजेपी (2), यूडीपी (6), एचएसपीडीपी (2), पीडीएफ (4) और एक निर्दलीय विधायकों समेत कुल 34 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा। राज्यपाल ने उन्हें नई सरकार बनाने का न्योता दिया है।

मीडिया रिपोर्टो के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह 6 मार्च को सुबह 10:30 बजे होगा। इससे पहले विधानसभा चुनाव में 21 सीट पाकर सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी कांग्रेस ने शनिवार रात सरकार बनाने का दावा पेश किया था। दरअसल मेघालय में किसी को भी बहुमत नहीं मिला है।

कांग्रेस 21 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि एनपीपी को 19 और बीजेपी को 2 सीटें मिली है। वहीं, अन्य के खाते में 17 सीटे हैं। कांग्रेस और बीजेपी लगातार UDP के संपर्क में थे, जिनके 6 विधायक हैं। यूडीपी ने आख़िरकार किंगमेकर की भूमिका निभाते हुए NPP को समर्थन देने का फैसला किया है।

यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) नेता डी. राय ने कहा कि एनपीपी अध्यक्ष कोनराड के. संगमा ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। बीजेपी नेता व पूर्वोत्तर जनतांत्रिक गठबंधन के संयोजक हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एनपीपी इस सरकार का मुख्य हिस्सा होगी।

दूसरे नंबर पर यूडीपी और इसके बाद बीजेपी होगी। यूडीपी नेता डी राय ने कहा है कि निश्चित रूप से के. संगमा के नेतृत्व में एनपीपी की सरकार बननी चाहिए। 60 सदस्यीय विधानसभा में 59 सीटों के लिए वोट डाले गए थे। राकांपा उम्मीदवार की धमाके में मौत के चलते एक सीट पर चुनाव नहीं हुआ था।

कौन हैं कोनराड संगमा?

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष रहे पीए संगमा के बेटे कोनराड संगमा 2008 के विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक चुने गए। इस दौरान उन्होंने कई अहम मंत्रलयों को संभाला। सबसे युवा वित्त मंत्री भी बने। यही नहीं वित्त मंत्री चुने जाने के 10 दिन के भीतर ही उन्होंने मेघालय सरकार का बजट भी पेश किया था। कोनराड का जन्म 27 जनवरी 1978 को वेस्ट गारो हिल्स जिले में हुआ था।

दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा लेने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा की डिग्री यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन और यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया से ली है। पढ़ाई पूरी करने के बाद 1990 में विरासत में मिली राजनीति को आगे बढ़ाते हुए संगमा ने अपने पिता के प्रचार प्रबंधक के तौर पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। वर्ष 2009 से वर्ष 2013 तक कोनराड संगमा मेघालय विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे।

फिलहाल अपने पिता पीए संगमा के निधन के बाद उनकी खाली हुई तुरा सीट से वह लोकसभा सांसद हैं। पिता के बाद कोनराड के साथ उनके भाई और बहन भी राजनीति में उतरे और सभी सफल भी रहे। जहां उनकी बहन अगाथा संगमा 15वीं लोकसभा में सांसद चुनी गईं और केंद्र में मंत्री भी बनीं, वहीं उनके भाई जेम्स संगमा भी विधानसभा के सदस्य हैं। वह पिछली विधानसभा (2013-18) में नेता विपक्ष रहे।

 

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