कठुआ गैंगरेप-हत्या मामला: आरोपियों का समर्थन करने वाले BJP मंत्रियों के बचाव में मीनाक्षी लेखी के बेतुके बयान ने पार्टी और PM मोदी को किया शर्मिंदा

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उत्तर प्रदेश के उन्‍नाव गैंगरेप केस और जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में एक नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या केस को लेकर मामला भारत सहित पूरे विश्व में लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इतना ही नहीं इन दोनों घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों पर चौतरफा हमले हो रहे हैं।

इन हमलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) सांसद मीनाक्षी लेखी ने शुक्रवार(13 अप्रैल) को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में समर्थकों और उनकी पार्टी के विधायक ने कथित तौर पर महिलाओं के खिलाफ दो घृणित अपराधों पर भगवा पार्टी का रुख स्पष्ट किया।

गौरतलब है कि, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार (12 अप्रैल) को उत्तर प्रदेश के उन्नाव रेप मामले और जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 साल की नन्ही बच्ची से गैंगरेप और उसकी नृशंस हत्या के विरोध में नई दिल्ली के इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला था। बता दें कि, इस कैंडल मार्च में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा भी मार्च में शामिल हुए हैं। उनके अलावा कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नेता भी इस कैंडल मार्च में शामिल हुए थे।

इसके बाद मीनाक्षी लेखी से अपेक्षा की जा रही थी कि वह एक महिला होने के नाते जम्मू-कश्मीर में आरोपी का बचाव कर रहें मंत्रियों के भूमिका की निंदा करेंगी, जिन्होंने कठुआ जिले में नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और उसकी हत्या के समर्थन में हिंदू एकता मंच द्वारा बुलाई गई रैली में भाग लिया था। इसके बजाय उन्होंने चंद्र प्रकाश गंगा और लाल सिंह का बचाव किया।

मीनाक्षी लेखी ने कठुआ बलात्कार एवं हत्या मामले में पुलिस जांच के खिलाफ रैली में शामिल होने वाले पार्टी के दो मंत्रियों (चंद्र प्रकाश गंगा और लाल सिंह) का बचाव करते हुए कहा कि इन्हें प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर गुमराह किया गया था। ‘क्या गुमराह होना अपराध है, क्या मीडिया कभी गुमराह नहीं होता है?’ मीनाक्षी लेखी ने यह जवाब रिपोर्टर के एक सवाल पर दिया।

लेखी यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने असम में एक बच्ची से रेप की घटना से इन दोनों घटनाओं की तुलना करने की कोशिश की और इस कवायद में वो ये भी भूल गईं कि असम में भी उनकी ही पार्टी बीजेपी की सरकार है। प्रेस कॉंफ्रेंस में मीनाक्षी लेखी ने उन्नाव मामले में अपनी पार्टी के विधायक को एक बार फिर बचाने की भरपूर कोशिश की।

बता दें कि, बीजेपी कोटे के इन दोनों मंत्रियों पर आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में शामिल होने का आरोप है। उन्होंने 8 मार्च को हिंदू एकता मंच के द्वारा कि गई रैली में भाग लिया था, जो 8 साल की बच्ची की हत्या के करीब दो महीने बाद निकाली गई थी। मीनाक्षी लेखी को यह समझना चाहिए कि इन दोनों मंत्रियों को अपनी गलती का अहसास होने में इतना समय कैसे लग गया। उन्होंने अपनी ‘गलतियों’ के लिए ईमानदारी से माफी क्यों नहीं मांगी, तब तक भी जब तक लेखी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहीं थी।

यदि, लेखी उन तथ्यों को भूल गई थी या उन्हें नजरअंदाज करने का फैसला किया। तो यहां पर वो बयान है जो इन दों मंत्रियों ने हिंदू एकता मंच की रैली के दौरान दिया थे।

चंद्र प्रकाश गंगा: ‘मैं इस जांच को समझ नहीं पा रहा हूं। क्योंकि इसमें एक 14 वर्षीय, एक 22 वर्षीय, एक 28 वर्षीय और 37 वर्षीय को गिरफ्तार किया है। यह कैसे संभव है?’

चौधरी लाल सिंह: ‘यदि आप आंदोलन शुरू करते हैं, तो इसे पूर्ण बल दें या घर बैठे। यह धारा 144 क्या है? यहां एक लड़की की मृत्यु हो गई है और इसमें अधिक जांच की जरुरत है, यहां महिलाओं की कई मौतें हुई हैं पुलिस उन लोगों को नहीं गिरफ्तार कर रही है जो भारत विरोधी नारे लगाते हैं, जो त्रिरंगा जलाते हैं, लेकिन उन्होंने यहां लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मैं चाहता हूं कि आप अपने संकल्प पर बने रहें और मैं आपके साथ हूं।’

निश्चित रूप से, लेखी से बेहतर प्रतिक्रिया की उम्मीद होगी, जो खुद एक महिला है। वकील-राजनेता ने अपने स्वयं के दावों को काफी कम कर दिया है कि वह और उनकी पार्टी ने महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में दृढ़ता कायम रखी थी।

बता दें कि, जम्मू-कश्मीर सरकार बीजेपी कोटे के इन दोनों मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी कोटे के इन दोनों मंत्रियों पर आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में शामिल होने का आरोप है।

 

बता दें कि, कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बलात्कार की घटनाओं के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार(13 अप्रैल) को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि ऐसी घटनाएं निश्चित तौर पर सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है और इन मामलों में कोई भी अपराधी नहीं बचेगा, न्याय होकर रहेगा।

समाचार एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि, ‘जिस तरह की घटनाएं हमने बीते दिनों में देखीं हैं, वो सामाजिक न्याय की अवधारणा को चुनौती देती हैं। पिछले दो दिनो से जो घटनाये चर्चा में है वह निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि, ‘एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार है।’ साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘हमारी बेटियों को न्याय मिलेगा।’

दिल्ली के अलीपुर में डा. आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक के उद्घाटन के दौरान मोदी ने कहा कि, ‘देश के किसी भी राज्य में, किसी भी क्षेत्र में होने वाली ऐसी वारदातें हमारी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती हैं। मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं की कोई अपराधी बचेगा नहीं, न्याय होगा और पूरा होगा, कोई अपराधी नहीं बचेगा।’

 

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