मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को बनाया BSP का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

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देश आज डॉ. बाबासाहब भीमराव आंबेडकर को उनकी 126 जयंती के मौके पर याद कर रहा है। इस मौके पर बहुजन समाज पार्टी(बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने शुक्रवार(14 अप्रैल) को बड़ा फैसला करते हुए अपने भाई आनंद कुमार को बीएसपी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिया। मायावती ने यह फैसला कर साफ तौर पर संदेश दे दिया है कि उनके बाद उनकी पार्टी की बागडोर उनके भाई के हाथों में ही रहेगी।

मायावती

हालांकि, माया ने कहा कि मैंने अपने भाई आनंद कुमार को बीएसपी में इस शर्त पर लेने का फैसला क‌िया है क‌ि वह कभी MP, MLA, MLC मंत्री और मुख्यमंत्री नहीं बनेगा और इसल‌िए आनंद कुमार को मैं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना रही हूं। माया ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुझे और मेरे र‌िश्तेदारों को काफी परेशान क‌िया जा रहा है, लेक‌िन लोकतंत्र में ज‌िंदा रहना जरूरी है।

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इस दौरान बीएसपी प्रमुख मायावती ने संकेत दिए कि बीजेपी के विजयरथ को रोकने के लिए ऐंटी बीजेपी दलों के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार हैं। मायावती ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए वह किसी से भी हाथ मिलाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि EVM की गड़बड़ी के खिलाफ संघर्ष के लिए बीजेपी विरोधी दलों से भी हाथ मिलाना पड़ा तो अब उनके साथ भी हाथ मिलाने में परहेज नहीं है।

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बीएसपी प्रमुख ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि BJP ने उत्तर प्रदेश की 403 में से 250 सीटों पर EVM से छेड़छाड़ की। इन सीटों पर बीजेपी कमजोर थी। माया ने कहा कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए मैं कदम पीछे खींचने वाली नहीं हूं। हमारी पार्टी बीजेपी द्वारा EVM की गड़बड़ी के खिलाफ बराबर संघर्ष करेगी।

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इस दौरान बीएसपी प्रमुख ने लिखे हुए भाषण पढ़ने के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि साल 1996 में उनके गले का बड़ा आपरेशन हुआ था और पूरी तरह खराब हो चुका एक ‘ग्लैण्ड’ डॉक्टरों ने निकाल दिया था। माया ने कहा कि बिना लिखा भाषण देने में ऊंचा बोलना पड़ता है, लेकिन डॉक्टरों ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी है। इसी वजह से मैं ल‌िखा हुआ भाषण पढ़ती हूं।

 

 

 

 

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