फतवे पर बोले सोनू निगम- ‘2 बजे अलीम मेरे घर आकर मेरा सिर गंजा करेगा, मौलवी 10 लाख तैयार रखना’

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मशहूर सिंगर सोनू निगम द्वारा ‘अजान’ से सुबह-सुबह नींद में खलल पड़ने पर किए गए ट्वीट्स के बाद जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच मुस्लिम नेता और पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक यूनाइटेड काउंसिल के उपाध्यक्ष सैयद शाह आतेफ अली कादरी ने मंगलवार(18 अप्रैल) को सोनू निगम के खिलाफ फतवा जारी किया है।सोनू निगम

साथ ही कादरी ने कहा है कि जो कोई भी सोनू निगम को गंजा करेगा और पुराने जूते की माला पहनाएगा उसे 10 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। कादरी ने कहा कि सोनू निगम ने धर्मनिरपेक्ष भारतीय संविधान का अपमान किया है और उन्हें देश से बाहर निकाल दिया जाना चाहिए।

हालांकि कादरी द्वारा जारी फतवे पर सोनू निगम ने ट्वीट कर चुटकी ली है। सोनू ने लिखा है कि, ‘दोपहर 2 बजे अलीम मेरे घर आकर मेरा सिर गंजा करेगा। 10 लाख रुपये तैयार रखना मौलवी।‘ साथ ही सोनू ने अपने अगले ट्वीट में मीडिया को भी इसके लिए निमंत्रण दे दिया है। वहीं, इस बढ़ते विवाद को लेकर मुंबई में सोनू निगम के बंगले के बाहर मुंबई पुलिस ने सुरक्षा काफी बढ़ा दी है।

साथ ही सोनू निगम ने कहा है कि उन्‍होंने ‘मुस्लिम विरोधी’ कोई बात नहीं कही है। सोनू ने अपने नए ट्वीट में कहा है कि अगर कोई यह साबित कर दे तो वह माफी मांगने को भी तैयार हैं।

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मंगलवार रात सोनू निगम ने ट्वीट कर कहा, ‘प्रिय लोगों, जो भी यह प्रचारित कर रहा है कि मेरे ट्वीट्स मुस्लिम विरोधी हैं वह एक भी जगह ऐसी बता दें जहां मैंने ऐसा किया है, मैं माफी मांग लूंगा।’ साथ ही उन्‍होंने लिखा है, ‘जब मैं लाउडस्‍पीकर्स की बात कर रहा हूं तो मैंने मंदिर और गुरुद्वारों के बारे में भी बात की थी। क्‍या यह समझना इतना मुश्किल है?’

क्या है पूरा मामला?

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बता दें कि 17 अप्रैल को सोनू निगम ने मस्जिदों से होने वाली अजान पर सवाल उठाते हुए उसे गुंडागर्दी तक करार दे दिया था। सोनू ने अपने ट्वीट्स में लिखा था कि, ”ईश्‍वर सबका भला करे। मैं मुस्लिम नहीं हूं और मुझे सुबह अज़ान के चलते उठना पड़ता है। भारत में यह जबरन धार्मिकता कब खत्‍म होगी?

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इसके अलावा उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में कहा, ‘बता दूं कि जब मोहम्‍मद ने इस्‍लाम बनाया तब बिजली नहीं थी। एडिसन के बाद भी मुझे यह शोर क्‍यों सुनना पड़ता है?’ उन्होंने अपने अन्य ट्वीट में मंदिर और गुरुद्वारे का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं किसी मंदिर या गुरुद्वारे द्वारा उन लोगों को जगाने के लिए बिजली के उपयोग को जायज नहीं मानता जो धर्म पर नहीं चलते। फिर क्‍यों? ईमानदारी? सच्‍चाई? गुंडागर्दी है बस?’

सोनू के इस ट्वीट के बाद से सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि, सोनू को ट्विटर पर ट्रोल भी किया जा रहा है। बता दें कि मस्जिद में लोगों को बुलाने के लिए अजान दी जाती है। अजान का अर्थ होता है पुकारना या घोषणा करना। अजान दिन में पांच बार नमाज से पहले होती है।

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