कहां गए वे 13 लोग? वायुसेना के लापता विमान का तीसरे दिन भी सुराग नहीं, खोजने में इसरो भी जुटा

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सर्च टीमें वायुसेना के लापता एएन-32 विमान का अबतक पता नहीं लगा पाई हैं। ये विमान सोमवार को अरुणाचल प्रदेश में लापता हो गया था। इस विमान में 13 लोग सवार थे। लापता हुए विमान का पता लगाने के लिए मिलिट्री एजेंसियों और वायुसेना ने पूरी ताकत झोंक दी है। नेवी के ताकतवर सिंथेटिर अपर्चर रेडार वाले पी8आई एयरक्राफ्ट के अलावा इसरो के RISAT यानी रेडार इमेजिंग सैटलाइट और वायुसेना के विमानों व हेलिकॉप्टरों के बेड़े को भी खोज अभियान में लगाया गया है।

AN-32

एयरफोर्स ने दावा किया कि संभावित दुर्घटनास्थल के बारे में कुछ रिपोर्टें मिली हैं, लेकिन वहां गए हेलिकॉप्टरों को कोई मलबा नहीं दिखा। अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय वायु सेना और थल सेना के साथ भारतीय नौसेना भी विमान को ढूंढने की कोशिशों में जुटी है। इसके लिए सैटेलाइट, स्पाई विमानों और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है, लेकिन खराब मौसम की वजह से सर्च अभियान में दिक्कतें आ रही हैं।

भारतीय सेना के एक प्रवक्ता ने बताया था कि विमान ने जोरहाट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर अरुणाचल प्रदेश के मेचुका एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ समय के बाद विमान का संपर्क टूट गया। विमान ने असम के जोरहाट से चीन की सीमा के पास मेंचूका के लिए उड़ान भरी थी। सोमवार की दोपहर को उड़ान भरने के करीब 33 मिनट बाद विमान लापता हो गया, जिसमें 13 लोग सवार थे।

वायुसेना के सूत्र ने बताया कि इसरो के सैटेलाइट के जरिए भी विमान की तलाश की जा रही है। इनके जरिए अरुणाचल और असम के कुछ हिस्सों पर नजर रखी जा रही है। अभियान के दौरान बादल छाए हुए हैं। वहीं नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा ने कहा कि पी8आई विमान ने तमिलनाडु के अराकोणम में आईएनएस रजाली से दोपहर करीब एक बजे उड़ान भरी और तलाश अभियान का हिस्सा बना।

अधिकारियों ने बताया कि अंतोनोव एएन-32 विमान का पता लगाने के लिए विमानों और हेलीकॉप्टरों के एक बेड़े को पहले ही लगाया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के पर्वतीय इलाके में तलाश अभियान चलाने के लिए जवानों को भी तैनात किया गया है। कैप्टन शर्मा ने कहा कि पी8आई विमान इलेक्ट्रो ऑप्टिकल और इन्फ्रा रेड सेंसरों की मदद से तलाश अभियान में मदद करेगा। बोइंग द्वारा निर्मित पी8आई लंबी दूरी तक समुद्र में टोह रखने वाला विमान है और इस समय नौसेना के पास आठ ऐसे विमान हैं।

अभी तक नहीं मिला कोई मलबा

वायु सेना ने सोमवार को एक बयान में कहा कि दुर्घटना की संभावित जगह के बारे में कुछ ग्राउंड रिपोर्ट मिली हैं। हेलीकॉप्टरों को उस तरफ भेजा गया है। हालांकि, अभी तक कोई मलबा नहीं दिखा है। वायु सेना ने कहा कि विमान में चालक दल के आठ सदस्य और पांच यात्री सवार थे। वायु सेना उसका पता लगाने के लिए भारतीय सेना और अन्य सरकारी एवं असैन्य एजेंसियों की मदद लेने पर भी विचार कर रही है। वायु सेना ने लापता अंतोनोव एएन-32 विमान का पता लगाने के लिए दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों के साथ ही सी-130जे और एएन-32 विमानों को लगाया है, वहीं भारतीय सेना ने आधुनिक हल्के हेलीकॉप्टरों को लगाया है।

 

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  1. पड़ोसी चीन से भी पूछ लो ।बुराई क्या है। उसे भी तो झूला झुलाया था

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