देश की मीडिया हवस का शिकार हे : मार्कण्डेय काटजू

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भूतपूर्व सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश मार्कण्डेय काटजू  भारतीय मीडिया मालिकों पर उनके लालची व्यक्तित्व के सन्दर्भ में जमके बरसे

जनता के रिपोर्टर के साथ बात करते वक़्त उन्होंने मीडिया की विचित्र दुर्दषा का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे मीडिया अब मात्र एक व्यपारियो का पैसे कमाने का जरिया बन चूकी हे! उन्होंने फटकार लगाते हुए मीडिया को याद दिलाया की उनका काम सामन्तशाही से आधुनिकता तक समाज कैसे पहुंचे उसमें मदद करना था।

उन्होंने कहा कि देश की मीडिया हवस की शिकार हे. उसे अपनी  नैतिकता से ज्यादा  पैसे से प्यार होता जा रहा है

उन्होंने कहा कि ‘नैतिकता से महरूम ‘ मीडिया मालिकों को डकैती और तस्करी के धंधो में लग जाना चाहिए

उन्होंने कहा कि ‘मीडिया को डकैती और तस्करी करना चाहिए’ । उन्हें अगर सिर्फ पैसा ही कमाना है  और नैतिकता कुछ भी नहीं मतलब है, तो मीडिया मालिकों को तस्करी का धंधा शुरू कर देना चाहिए । उन्हें वेश्या बनने दो । वे वहाँ और अधिक धन अर्जित करेंगे। जनरल वीके सिंह ने मीडिया को presstitutes सही कहा था।