मराठा आरक्षण आंदोलन की तेज हुई आंच: मुंबई में आज से शुरू होगा ‘जेल भरो आंदोलन’, खुदकुशी करने वालों की संख्या बढ़कर 6 हुई

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महाराष्ट्र में आरक्षण की मांग को लेकर मराठा आंदोलन की आग अब तेज होती जा रही है। बुधवार (1 अगस्त) को अपनी मांग को लेकर सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने पुणे-सोलापुर हाइवे को जाम कर दिया। वहीं आरक्षण की मांग को तेज करते हुए बुधवार से आंदोलनकारी ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने जा रहे हैं। बुधवार से मुंबई के आजाद मैदान से इसकी शुरुआत होगी। इस बीच महाराष्ट्र में एक श्रमिक और एक छात्र के अपनी जान लेने के साथ ही मराठा आरक्षण आंदोलन की मांग को लेकर खुदकुशी करने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।

(HT Photo)

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर एक साइंस ग्रेजुएट युवक ने बीड जिले में मंगलवार को आत्महत्या कर ली। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में इस मुद्दे को लेकर आठ लोगों ने आत्मदाह की भी कोशिश की। इस बीच मराठा आंदोलनकारियों ने अपनी मांग को लेकर पुणे सोलापुर हाइवे जाम कर दिया है। बुधवार को बड़ी संख्या में आंदलनकारी सड़क पर उतर आए और हाइवे को जाम कर दिया। दरअसल लोगों के खुदकुशी करने से महाराष्ट्र में प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। बता दें कि मराठा क्रांति मोर्चा सरकार नौकरी और शिक्षा में अपने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहा है।

मराठा समुदाय के लोगों ने मंगलवार को औरंगाबाद-जलगांव मार्ग पर ‘रास्ता रोको’ प्रदर्शन किया। सकल मराठा मोर्चा के नेता प्रवीण पटेल ने बताया कि मराठा समुदाय के लोग बुधवार को मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’ करेंगे। इससे पहले मराठा संगठनों ने कहा था कि उनकी आरक्षण की मांग के समर्थन में नौ अगस्त को मुंबई में एक महारैली की जाएगी। हालांकि, मुंबई पुलिस का दावा है कि जेल भरो आंदोलन के मुद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं।

अब तक 6 लोग कर चुके हैं खुदकुशी

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर एक साइंस ग्रेजुएट युवक ने बीड जिले में मंगलवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, अभिजीत देशमुख ने वीरा गांव में अपने घर के बाहर पेड़ से फांसी लगा ली। आत्महत्या से पहले लिखे नोट में उसने इसके लिए कई कारण बताए हैं। उसकी शर्ट की जेब से सूइसाइड नोट बरामद हुआ है। मराठा आरक्षण को लेकर यह खुदकुशी का छठा मामला बताया जा रहा है। इसमें उसने लिखा है कि मराठा आरक्षण की मांग स्वीकार करने में हो रही देरी, बैंक के बकाया कर्ज और अपने बीमार परिवारजनों के लिए दवाइयां नहीं ला पाने के कारण वह जान दे रहा है।

देशमुख ने कहा कि उसने विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी, लेकिन बेरोजगारी के कारण उसका परिवार बैंक का कर्जा नहीं चुका पाया। उसने कथित तौर पर अपने एक दोस्त से चर्चा की थी कि मराठाओं के लिए आरक्षण नहीं होने के कारण ही वह नौकरी नहीं ढूंढ़ पा रहा है। उसे व्यापार के लिए भी कर्ज नहीं मिल रहा था, क्योंकि उसने अपनी पढ़ाई के लिए लिया गया कर्ज नहीं चुकाया था। वहीं, एक दूसरी घटना में, मराठा क्रांति मोर्चा के 8 कार्यकर्ताओं ने बीड के पास लातूर जिले के औसा तहसीलदार कार्यालय के पास पेट्रोल डालकर सामूहिक रूप से आत्महत्या करने का प्रयास किया।

हालांकि, पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बचा लिया लेकिन बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। देशमुख की आत्महत्या की खबर फैलने के बाद लोगों की बड़ी संख्या और स्थानीय मराठा कार्यकर्ता बीड अस्पताल पहुंच गए, जहां आत्महत्या करने वाले छात्र का शव रखा गया था। महाराष्ट्र कांग्रेस ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि वह लोगों का भरोसा खो चुके हैं।

 

 

 

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