चुनावों में हार के बाद न तो इस्तीफे की पेशकश की, न इस्तीफा मांगा गया: मनोज तिवारी

0

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को जबरदस्त जीत हासिल हुई है। दिल्ली की 70 सीटों में से उसने 62 पर अपना कब्जा जमाया है। जबकि पूरी ताकत झोंकने के बावजूद भाजपा को महज 8 सीटों पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस एक बार फिर शून्य पर आउट हो गई। भाजपा की करारी हार के बाद खबरें थी कि मनोज तिवारी अपने पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी है। वहीं, इस्तीफे पर बढ़ती अटलकों पर मनोत तिवारी ने विराम लगा दिया है।

Manoj Tiwari
फाइल फोटो।

दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खराब प्रदर्शन के मद्देनजर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बुधवार (12 फरवरी) को कहा कि उन्होंने न तो पद छोड़ने की पेशकश की है और न ही उन्हें पद से इस्तीफा देने के लिए कहा गया है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि मनोज तिवारी ने पार्टी के एक शीर्ष पदाधिकारी से संपर्क किया और भाजपा को आम आदमी पार्टी (आप) के हाथों मिली करारी हार के चलते दिल्ली इकाई प्रमुख के रूप में पद छोड़ने की पेशकश की।

इस्तीफे की ख़बर वायरल होने के बाद तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, “न तो मुझे इस्तीफा देने के लिए कहा गया है और न ही मैंने अपना इस्तीफा दिया है।” बता दें कि, दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद तिवारी ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वह दिल्ली भाजपा प्रमुख के रूप में काम जारी रखेंगे या नहीं, यह पार्टी का “आंतरिक मामला” है।

भाजपा करीब दो दशकों बाद राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही थी, हालांकि आप ने 70 सदस्यों वाली विधानसभा में पार्टी को आठ सीटों तक सीमित कर दिया। आप को 62 सीटों पर जीत हासिल हुई। तिवारी को नवंबर 2016 में दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, और वह अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। पिछले साल पार्टी के संगठनात्मक चुनावों को विधानसभा चुनावों के कारण स्थगित कर दिया गया था। (इंपुट: भाषा के साथ)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here