मनोहर पर्रिकर ने पत्रकारों को फोन कर बताया अमेरिका के अस्‍पताल से कैसे चला रहे हैं सरकार

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गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर भले ही इन दिनों अमेरिका के अस्पताल में अपना इलाज करे हों, लेकिन वह वहीं शानदार तरीके से सरकार चला रहे हैं। पर्रिकर ने रविवार को अपने कुछ करीबी पत्रकारों से फोन पर बात की। उन्होंने पत्रकारों को अपने सेहत की जानकारी दी और देश लौटने के बारे में बताया। पर्रिकर करीब चार महीनों से बीमारी के चलते गोवा से दूर हैं। इसके चलते विपक्ष और सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हो रही है।

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न्यूज 18 के मुताबिक आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि उनका मार्च से न्‍यूयॉर्क के अस्‍पताल में एडवांस्‍ड पैनक्रियाटिक कैंसर का इलाज चल रहा है। हालांकि बीजेपी या गोवा मुख्‍यमंत्री कार्यालय की ओर से आधिकारिक रूप से बीमारी की गंभीरता के बारे में नहीं बताया गया है। उनकी ओर से हल्‍का पेनक्रियाटाइटिस बताया जाता रहा है। पर्रिकर ने रविवार रात को अचानक से चार स्‍थानीय पत्रकार जो उनके करीब माने जाते हैं उन्‍हें फोन किया।

कुछ पत्रकारों ने नाम न छापने की शर्त पर समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि जब मुख्‍यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक अधिकारी का फोन आया और उन्‍हें बताया गया कि पर्रिकर उनसे बात करना चाहते हैं तो वे हतप्रभ रह गए। एक अंग्रेजी अखबार के पत्रकार के अनुसार, ‘वह काफी कमजोर मालूम पड़ रहे थे लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि इस सप्‍ताह के आखिर में कीमोथैरेपी के दो राउंड होंगे। इसके बाद डॉक्‍टर सलाह देंगे तो वह आ जाएंगे।’

पर्रिकर ने हालांकि वास्‍तविक स्‍थिति और अस्‍पताल का नाम नहीं बताया। पत्रकार ने आगे कहा कि मुख्‍यमंत्री ने उन्हें सरकारी फाइलें देखने और फैसले लेने में प्रोटोकॉल को पालन के बारे में विस्‍तार से बताया। उन्‍होंने बताया, ‘पर्रिकर ने कहा कि वह रोजाना टेलीफोन से रोजाना मुख्‍य सचिव और मुख्‍यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव के साथ कांफ्रेंस करते हैं। उनके पास ईमेल और फैक्‍स के जरिए फाइलें व दस्‍तावेज भेजे जाते हैं।

मुख्‍यमंत्री के फैसलों के बारे में फोन, फैक्‍स या ईमेल से बताया जाता है। उन्‍होंने कहा कि कम्‍युनिकेशन यंत्रों के जरिए इन दिनों सरकार दूर रहकर भी चुपचाप चलाई जा सकती है।’ पर्रिकर का पत्रकारों को फोन ऐसे समय में आया है जब बीजेपी के नेतृत्‍व वाला गठबंधन विपक्ष के निशाने पर है। उनका आरोप है कि पर्रिकर अपने पास ही ताकत रख रहे हैं और राज्‍य को सही तरीके से चलाने के लिए कैबिनेट मंत्री को जिम्‍मेदारी नहीं दे रहे हैं।

पिछले सप्‍ताह कांग्रेस ने पुलिस में शिकायत की थी कि मुख्‍यमंत्री के आधिकारिक ईमेल को पणजी से चलाया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप था कि अधिकरी अपने पक्ष में फैसले लेने के लिए पर्रिकर के अकाउंट का उपयोग कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पर्रिकर जून के अंत तक देश वापस आ जाएंगे।

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