‘खादी की बिक्री में इस साल करीब 90 फीसदी की हुई वृद्धि’

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 37वें संस्करण में दिवाली और धनतेरस के अवसर पर दिल्ली के खादी ग्रामोद्योग भवन में हुई रिकॉर्ड बिक्री का जिक्र करते हुए रविवार (29 अक्टूबर) को कहा कि खादी और हैंडलूम गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाते हुए उन्हें सशक्त बनाने का शक्तिशाली साधन बन कर उभर रहे हैं।गांधी जयंती पर खादी और हैंडलूम को अपनाने की वकालत करते हुए मोदी ने कहा कि इस महीने 17 अक्तूबर को धनतेरस के दिन दिल्ली के खादी ग्रामोद्योग भवन स्टोर में लगभग एक करोड़ बीस लाख रुपये की रिकॉर्ड बिक्री हुई है। दिवाली के दौरान खादी गिफ्ट कूपन की बिक्री में करीब-करीब 680 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।

उन्होंने कहा कि खादी और हस्तशिल्प की कुल बिक्री में भी पिछले वर्ष से, इस वर्ष करीब-करीब 90 प्रतिशत वृद्धि देखने को मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खादी और हैंडलूम गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाते हुए उन्हें सशक्त बनाने का शक्तिशाली साधन बन कर उभर रहे हैं। ग्रामोदय के लिए यह बहुत बड़ी भूमिका अदा कर रहा है।

मोदी ने कहा कि आज युवा, बड़े-बूढ़े, महिलाएं, हर आयु वर्ग के लोग खादी और हैंडलूम पसंद कर रहे हैं। मैं कल्पना कर सकता हूं कि इससे कितने बुनकर परिवारों को, गरीब परिवारों को, हथकरघा पर काम करने वाले परिवारों को, कितना लाभ मिला होगा।

उन्होंने कहा कि पहले खादी, खादी फॉर नेशन था और हमने खादी फॉर फैशन की बात कही थी, लेकिन अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि अब, खादी फॉर ट्रांसफॉरमेशन का दौर है। अपने कार्यक्रम में मन की बात की प्रशंसा और आलोचना दोनों होने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं मन की बात के प्रभाव की ओर देखता हूॅं तो मेरा विश्वास दृढ़ हो जाता है कि इस देश के जनमानस के साथ मन की बात शत-प्रतिशत अटूट रिश्ते से बंध चुकी है।

आगामी चार नवंबर को मनाई जाने वाली गुरु नानक जयंती से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी, सिक्खों के पहले गुरु ही नहीं बल्कि जगत-गुरु हैं जिन्होंने पूरी मानवता के कल्याण के बारे में सोचने के साथ-साथ सभी जातियों को एक समान बताया और महिला सशक्तिकरण एवं नारी सम्मान पर जोर दिया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने पैदल ही 28 हजार किलोमीटर की यात्रा की और इस दौरान सच्ची मानवता का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से संवाद किया, उन्हें सच्चाई, त्याग और कर्म-निष्ठा का मार्ग दिखाया। मोदी ने कहा कि दुनिया सिर्फ उगते सूर्य को नमस्कार करती है लेकिन आस्था के महापर्व छठ में उनको भी पूजने का संदेश दिया जाता है जिनका डूबना निश्चित है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here