सत्येंद्र जैन के बाद धरने पर बैठे मनीष सिसोदिया की भी तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

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दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच शुरू हुआ टकराव फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर लगातार पिछले आठ दिनों (11 जून शाम से) से धरने पर बैठे हुए हैं। केजरीवाल का साथ निभाने के लिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय लगातार उनके साथ धरने पर बने हुए है। धरने में शामिल सिसोदिया और जैन उपराज्यपाल के दफ्तर में बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

हालांकि दिल्ली में आईएएस अधिकारियों द्वारा लंबे अरसे से कथित हड़ताल पर जाने और असहयोग के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आरोपों का आईएएस एसोसिएशन ने पुरजोर खंडन किया है। आईएएस एसोसिएशन ने रविवार (17 जून)  शाम को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कोई अधिकारी हड़ताल पर नहीं हैं। सारे अधिकारी काम कर रहे हैं और यहां तक कि जरूरत पड़ने पर छुट्टियों के दिन भी काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए ब्यूरोक्रेट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मनीष सिसोदिया की भी तबीयत बिगड़ी

इस बीच पिछले एक सप्ताह से सीएम केजरीवाल के साथ उपराज्यपाल के आवास पर अनशन पर बैठे दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन की तबीयत खराब होने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी तबीयत बिगड़ गई है। जिसके चलते उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद ट्वीट कर मनीष सिसोदिया के तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी है।

मनीष सिसोदिया के शरीर में कीटोन लेवल 6.4 से 7.4 तक बढ़ गया है। बता दें कि अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने पर धरने में शामिल स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी उपराज्यपाल अनिल बैजल के दफ्तर में बुधवार (13 जून) से बेमियादी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। एक दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।

मंत्री सत्येंद्र जैन की हालत स्थिर

बता दें कि इससे पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन की हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें एलएनजेपी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। एलएनजेपी अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर ने सोमवार को यह जानकारी दी। बता दें कि उपराज्यपाल कार्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे जैन को रविवार रात स्वास्थ्य खराब होने के बाद लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जैन के पेशाब में कीटोन का स्तर ज्यादा मिला था।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक जे. सी. पासी ने बताया, ‘‘अस्पताल में भर्ती कराये जाने की बाद उनकी हालत स्थिर है।’’ मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने रविवार रात पुष्टि की कि उनके कैबिनेट मंत्री अस्पताल मे भर्ती हुए हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘स्वास्थ्य खराब होने के चलते सत्येन्द्र जैन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।’’

केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सत्येन्द्र जैन और गोपाल राय पिछले आठ दिन से उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय में धरने पर बैठे हैं। वे उपराज्यपाल से आईएएस अधिकारियों को निर्देश देने की मांग कर रहे हैं कि अधिकारी अपनी ‘‘हड़ताल’’ वापस ले लें और घर-घर राशन पहुंचाने की योजना स्वीकार कर लें।

जैन मंगलवार से भूख हड़ताल पर हैं। इस कारण शनिवार को उनके रक्त में शर्करा का स्तर गिर गया था। मंत्री ने एक ट्वीट में अपने स्वास्थ्य रिपोर्ट की प्रति साझा की है। उन्होंने ट्वीट किया है, ‘‘मेरी रिपोर्ट। कीटोन बढ़ रहा है और रक्त में शर्करा का स्तर लगातार नीचे है। चार दिन में 3.7 किलोग्राम वजन कम हुआ है। हम दिल्ली के लोगों के लिए लड़ना जारी रखेंगे।’’

केजरीवाल का 8वें दिन भी धरना जारी

आम आदमी पार्टी की सरकार और उपराज्यपाल में तकरार के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का धरना 8वें दिन भी जारी है। दूसरी ओर आईएएस अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया है कि राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की राष्ट्रीय राजधानी में हड़ताल खत्म कराने के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की। केजरीवाल ने ट्वीट किया, “मैं माननीय प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि वह अब आईएएस अधिकारियों को अपना हड़ताल समाप्त करने के लिए ‘ग्रीन सिग्नल’ दें।”

केजरीवाल का यह ट्वीट आईएएस अधिकारियों को यह आश्वासन दिये जाने के बाद सामने आया है कि वह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपना बहिष्कार समाप्त करने का भी अनुरोध किया है। आईएएस अधिकारियों की हड़ताल के मुद्दे पर जनता दल (सेक्युलर), तेलुगू देशम पार्टी, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल, बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना एवं अन्य राजनीतिक दलों ने आम आदमी पार्टी को अपना समर्थन जताया है।

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