#MeToo मामलों की जांच के लिए बनाई जाएगी कमेटी, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने दी जानकारी

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देश भर में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के तहत हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। देश भर से महिलाओं को मिल रहे समर्थन को देखते हुए सरकार ने मीटु अभियान के तहत सामने आ रहे मामलों की जांच कराने का फैसला लिया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने शुक्रवार (12 अक्टूबर) को कहा कि रिटायर्ड जज के नेतृत्व के एक कमिटी का गठन किया जाएगा, जो मीटु अभियान के तहत आने वाले मामलों की जांच करेगी।

File Photo: Reuters

 

मेनका ने कहा कि मी टू अभियान के तहत सामने आए मामलों की पड़ताल के लिए उनका मंत्रालय जल्द ही एक कमेटी गठित करेगा। इसमें वरिष्ठ न्यायिक और कानूनी अधिकारी सदस्य होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिन महिलाओं ने आगे आ कर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए है, मुझे उन सब पर भरोसा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उन सब पर भरोसा है। मैं सभी शिकायतकर्ताओं के दर्द और मानसिक पीड़ा को समझती हूं।’’

समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ एक इंटरव्यू में मेनका ने कहा, ‘‘मैं एक कमेटी के गठन का प्रस्ताव भेज रही हूं। इसमें वरिष्ठ न्यायिक एवं कानूनी अधिकारी सदस्य होंगे। यह कमेटी मी टू अभियान के तहत आए सभी मसलों को देखेगी।’’ उन्होंने कहा कि समिति यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए कानूनी और संस्थागत ढांचे को देखेगी और यदि कुछ शिकायतों को लेकर जरूरी हुआ तो वह मंत्रालय को सलाह भी देगी कि इन्हें कैसे मजबूती प्रदान की जाए।

आपको बता दें कि भारत में जारी ‘मी टू’ अभियान (यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान) तूल पकड़ता जा रहा है। कई अन्य महिलाएं अपने अनुभवों को सार्वजनिक तौर पर शेयर कर रही हैं। अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाए जाने के बाद अब अलग-अलग इंडस्ट्री की बाकी हस्तियों ने भी अपने साथ हुए यौन दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है।

नाना पाटेकर के बाद जहां डायरेक्टर विकास बहल, मशहूर सिंगर कैलाश खेर, प्रसिद्ध लेखक चेतन भगत, अभिनेता रजत कपूर, मॉडल जुल्फी सैयद, फिल्मों और टीवी जगत के ‘संस्कारी बाबू’ यानी अभिनेता आलोक नाथ सहित ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ (एचटी) के ब्यूरो प्रमुख और राजनीतिक संपादक प्रशांत झा, रघु दीक्षित, कमेंटेटर सुहेल सेठ और महिला कॉमिक स्टार अदिति मित्तल, बॉलीवुड के शोमैन सुभाई घई, फिल्ममेकर साजिद खान और लेखक-निर्देशक पीयूष मिश्रा भी ‘मी टू’ की चपेट में आए हैं, जिनपर यौन उत्पीड़न, बदसलूकी, गलत तरीके से छूने जैसे आरोप लगे हैं।

 

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