मुश्किल में फंसे बच्चों को अब बटन दबाते ही मिलेगी मदद : मेनका गांधी

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चाइल्ड लाइन सेंटर के कामकाज की समीक्षा करने के लिए गुड़गांव पहुंची केंद्रीय बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने बताया कि महिला और बाल विकास मंत्रालय जल्द ही मोबाइल फोन में अब बच्चों के लिए चाइल्ड लाइन एप लाने पर तेजी से काम कर रहा है।

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मेनका के मुताबिक चाइल्ड लाइन फाउंडेशन के सहयोग से इस एप को तैयार किया जा रहा है और इस एप को डाउनलोड करने के बाद अगर बच्चा बटन दबाता है तो पेरेंट्स के साथ-साथ चाइल्ड लाइन सेंटर पर भी कॉल दर्ज हो जाएगी और मदद के लिए तुरंत टीम बच्चे तक पहुंच पाएगी।

गौरतलब है कि चाइल्ड लाइन 1098 की सुविधा काफी साल से चल रही है. लेकिन पिछले 18 महीनों से बाल एंव महिला विकास मंत्रालय ने इसमें अपनी भागीदारी तय की है और इसमें कई सुधार हुए हैं।

आज तक के मुताबिक मेनका गांधी ने बताया कि इस साल मार्च महीने में 10 लाख से ज्यादा बच्चों और बड़ों ने चाइल्ड लाइन में फोन किया।

इस चाइल्ड लाइन में फोन बजते ही 6 सेकेंड में ये पता कर लिया जाता है कि शिकायत कहां से आ रही है अगर शिकायतकर्ता पंजाब से है तो पंजाबी भाषा में निपुण काउंसलर उससे बात करेगी और अगर तमिलनाडु से तो तमिल भाषा की जानकार उसकी समस्या सुनेगी. इस समय चाइल्ड लाइन में 25 भाषाओं में निपुण काउंसलर हैं।

लेकिन बहुत सी कॉल में बच्चों को काउन्सलिंग की नहीं बल्कि तुरंत मदद की जरूरत पड़ती है और इसके लिए देशभर में चाइल्ड लाइन से जुड़े एनजीओ पुलिस की मदद से बच्चों तक पहुंचते हैं। पिछले एक साल में इस चाइल्ड लाइन ने 2.5 लाख बच्चों को रेस्क्यू करवाया है।

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