तीन दिन से धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बताया ‘नैतिक जीत’, मोदी सरकार पर जमकर बरसीं

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पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने सारदा चिटफंड घोटाले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि उन्हें सीबीआई के सामने पेश होने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर से जांच में सहयोग करने को कहा है। हालांकि शीर्ष अदालत ने साथ ही यह साफ किया राजीव की फिलहाल गिरफ्तारी नहीं होगी। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी तय की है।

File Photo: PTI

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘नैतिक जीत’ बताया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला नैतिक जीत है, यह सिर्फ मेरी जीत नहीं बल्कि देश की जीत है, संविधान की जीत है, युवाओं की जीत है। रविवार से धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने कहा कि न्यायपालिका और सभी संस्थानों के प्रति हमारा सम्मान है। हम बहुत आभारी हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार हमारे लोगों को बहुत तंग करती है। मेरा दिल बहुत रो रहा है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला नैतिक तौर पर हमारी जीत हुई है। केंद्र संविधान का उल्लंघन कर रहा है। जो हालात इस वक्त बन रहे हैं उस पर मेरा दिल रो रहा है। बता दें कि सीबीआई को लेकर उठे विवाद के बाद मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली ममता बनर्जी का धरना तीसरे दिन भी जारी है। कोलकाता पुलिस कमिश्नर को जांच में सहयोग करने को लेकर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ममता ने कहा कि राजीव कुमार ने कभी नहीं कहा कि वे उपस्थित नहीं रहेंगे।

ममता ने कहा कि हमने कभी सहयोग करने से मना नहीं किया। सीबीआई बिना नोटिस के कमिश्नर के घर गई थी। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ राजीव कुमार के लिए नहीं बल्कि सभी देशवासियों के लिए धरने पर बैठी हैं जो मोदी सरकार के अत्याचार से परेशान है। मैं सीबीआई के अधिकारियों या फिर किसी भी एजेंसी के खिलाफ नहीं हूं। मेरा कहना है कि इन लोगों को राजनीतिक दबाव में काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने संविधान को नष्ट कर दिया, गणतंत्र को नष्ट कर दिया। मेरा कहना है मोदी हटाओ और देश बचाओ।

सीएम ने कहा कि पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार ने कभी नहीं कहा कि वह नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हम सही स्थान पर मिलना चाहते हैं, यदि आप कोई स्पष्टीकरण मांगना चाहते हैं, तो आप आ सकते हैं और हम बैठते हैं। अब धरना खत्म करेंगी या नहीं? इस सवाल पर ममता ने कहा, ‘मुझे मेरे नेताओं से बात करनी होगी। मैं अकेले कोई फैसला नहीं लूंगी। आज चंद्रबाबू नायडू आ रहे हैं। अन्य नेताओं से भी बात करूंगी। मैं नवीन पटनायक से भी बात करूंगी। उसके बाद आपको बताती हूं।’

पुलिस कमिश्नर को CBI के सामने पेश होने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को शारदा चिटफंड मामले की जांच में सहयोग का निर्देश देते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष शिलांग में पेश होने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय पीठ ने हालांकि स्पष्ट किया कि कुमार के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई फिलहाल नहीं की जाएगी, न ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

सीबीआई की ओर से पेश एटर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि कुमार शीर्ष अदालत के आदेश पर शारदा चिटफंड मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, साथ ही पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार भी इस मामले में हस्तक्षेप कर रही हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि इस मामले की जांच से संबंधित कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (सीडीआर) उपलब्ध तो कराये गये हैं लेकिन आधे-अधूरे। उन्होंने कहा कि जांच के लिए आयुक्त के आवास गये सीबीआई के अधिकारियों को उल्टे हिरासत में ले लिया गया।

वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने, हालांकि वेणुगोपाल की इन दलीलों का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि जिस दिन अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उस दिन, खासकर रविवार को, कुमार से पूछताछ के लिए सीबीआई अधिकारियों का उनके आवास पर जाना सवाल के घेरे में है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति गोगोई ने कुमार को सीबीआई के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि आयुक्त के खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।

CBI शिलांग में करेगी राजीव कुमार से पूछताछ

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राजीव कुमार मेघालय की राजधानी शिलांग के किसी तटस्थ स्थान पर सीबीआई के समक्ष पेश होंगे और जांच में सहयोग करेंगे। शिलांग का चयन तब किया गया जब एटर्नी जनरल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में शासन प्रशासन की व्यवस्था बहुत ही बुरे हालात में है, ऐसी स्थिति में कुमार से वहां पूछताछ किया जाना मुश्किल होगा। उन्होंने दिल्ली या किसी अन्य स्थान पर उनसे सीबीआई पूछताछ की अनुमति देने का आग्रह किया।

इस मामले में सीबीआई ने अदालत के आदेश की अवमानना का मामला भी दर्ज किया है, जिसे लेकर न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस आयुक्त को नोटिस भी जारी किये, जिसका जवाब 18 फरवरी तक देना है। न्यायालय ने कहा कि नोटिस का जवाब 18 फरवरी को देना होगा और अगले दिन यानी 19 फरवरी को खंडपीठ निर्णय करेगी कि किसी अधिकारी को इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश होने का आदेश दिया जाए। अब मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।

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