रॉबर्ट वाड्रा के समर्थन में उतरीं ममता बनर्जी, ED द्वारा पूछताछ पर मोदी सरकार पर साधा निशाना

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विदेश में कथित तौर पर अवैध संपत्ति रखने के सिलसिले में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार(6 फरवरी) को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा से यहां करीब चार घंटे तक पूछताछ की। इस पूछताछ को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी आम चुनाव से पहले जान-बूझ कर ऐसा कर रही है।

रॉबर्ट वाड्रा

ममता ने कहा कि बीजेपी इस तरह अचानक हर किसी को नोटिस भेजने का हथकंडा अपनाकर विपक्षी को डराने में कामयाब नहीं हो पाएगी। बनर्जी ने कहा, “हम इसके खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे।” ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में पत्रकारों से कहा, “वे (मोदी सरकार) चुनाव से पहले जान-बूझ कर ऐसा कर रहे हैं।”

ममता बनर्जी ने कहा कि पूरा विपक्ष रॉबर्ट वाड्रा के साथ खड़ा है। ममता बनर्जी ने कहा कि सभी को बिना वजह नोटिस भेजा जा रहा है, किसी के खिलाफ कोई गंभीर मामला नहीं है। इसलिए पूरा विपक्ष एकजुट है और हम एक साथ खड़े है।ममता बनर्जी ने कहा कि वह अगले सप्ताह बुधवार और बृहस्तपिवार को दिल्ली में होंगी जहां विपक्षी दल भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चा करेंगे।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को रॉबर्ट वाड्रा से विदेश में कथित तौर पर अवैध संपत्ति रखने के सिलसिले में धन शोधन से जुड़े एक मामले में पूछताछ की थी। प्रवर्तन निदेशालय ने वाड्रा की पत्नी प्रियंका गांधी के औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल होने के कुछ ही दिन बाद उनसे पूछताछ की।

गौरतलब है कि कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से सीबीआई की पूछताछ के खिलाफ सुश्री बनर्जी के तीन दिवसीय धरने को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने समर्थन दिया था।

वहीं, अपने पति से ईडी द्वारा पूछताछ किये जाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में प्रियंका ने वाड्रा के प्रति समर्थन जताते हुए कहा, “वह मेरे पति हैं, वह मेरा परिवार हैं… मैं अपने परिवार के साथ खड़ी हूं।”

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘चुनावी मौसम चल रहा है। हम जानते हैं कि जब सम्मन के जवाब दिए जाएंगे तो संवाददाता सम्मेलन होंगे। वह (वाड्रा) सम्मन के जवाब में वहां गए।’’ उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि बीजेपी के पास जांच के लिये पूरे साढ़े चार साल थे लेकिन वे कुछ नहीं खोज सके।

उन्होंने दावा किया, ‘‘यह गुमराह करने की कोशिश है और चुनाव से पहले एक माहौल बनाने की कोशिश है। यह जनता जानती है। ईडी, सीबीआई और दूसरी एजेंसियां पांच साल में कुछ नहीं पा सकीं। यह सिर्फ चुनावी जुमलेबाजी है।’’ (इंपुट: भाषा के साथ)

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