कश्मीरी लड़की को होटल में ले जाने के लिए दोषी ठहराए गए मेजर गोगोई, वरिष्ठता घटने का करना पड़ सकता है सामना

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एक कश्मीरी युवक फारूख अहमद डार को जीप के बोनेट पर बांधकर चर्चा में आए भारतीय सेना के मेजर नितिन लीतुल गोगोई होटल और लड़की के विवाद में दोषी ठहराए गए हैं। 2017 में ‘मानव ढाल’ विवाद की वजह से सुर्खियों में आए मेजर गोगोई के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पिछले साल श्रीनगर में एक स्थानीय महिला के साथ दोस्ती करने के लिए सजा के तौर पर उन्हें वरिष्ठता में कटौती का सामना करना पड़ सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल श्रीनगर में एक स्थानीय महिला के साथ दोस्ती करने के लिये सजा के तौर पर उन्हें वरिष्ठता में कटौती का सामना करना पड़ सकता है। उन्हें वरिष्ठता में 6 माह का नुकसान उठाना पड़ सकता है। अखबार के मुताबिक, अपनी यूनिट से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के लिए उनके वाहन चालक समीर मल्ला के कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया भी हाल ही में कश्मीर घाटी में पूरी हुई है और उसे कड़ी फटकार लगाई जा सकती है।

मल्ला को 2017 में क्षेत्रीय सेना में शामिल किया गया था और वह जम्मू कश्मीर में आतंकवाद निरोधी अभियान में जुटी राष्ट्रीय राइफल्स के साथ 53 सेक्टर में तैनात था। अधिकारियों ने कहा कि फरवरी के शुरू में मेजर गोगोई और उनके चालक के खिलाफ समरी ऑफ एवीडेंस के पूरा होने के बाद कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू हुई दोनों को दो मामलों में निर्देशों के विपरीत एक स्थानीय निवासी से दोस्ती करने और संचालन क्षेत्र में रहने के दौरान अपनी तैनाती की जगह से दूर होने- में दोषी पाया गया।

उन्होंने कहा कि सैन्य अदालत ने आरोपियों के साथ ही गवाहों के बयान दर्ज किए गए और सजा दी गई है, जिसका निरीक्षण सैन्य मुख्यालय द्वारा किया जाएगा। आर्मी कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (सीओआई) ने पिछले साल 23 मई को श्रीनगर के एक होटल में हुई घटना में मेजर गोगोई और उनके चालक को दोषी ठहराने के बाद मेजर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी।

क्या है पूरा मामला?

23 मई 2018 को उस समय विवाद खड़ा हुआ था जब यह खबर फैली थी कि सेना के एक अधिकारी को एक नाबालिग लड़की के साथ स्थानीय होटल से पुलिस ने हिरासत में लिया है। गोगोई को जम्मू कश्मीर पुलिस ने उस समय हिरासत में लिया था जब वह एक 18 वर्षीय महिला के साथ श्रीनगर में एक होटेल में जबरन प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।

यह मामला ज्यादा तूल तब पकड़ने लगा जब यह पता चला कि पकड़ा गया अधिकारी वह है, जिसने बड़गाम जिले में उपचुनाव के दौरान एक स्थानीय युवक को ‘ह्यूमन शील्ड’ बनाया था। मेजर गोगोई और उनके ड्राइवर के खिलाफ फरवरी में साक्ष्य संग्रह पूरा होने के बाद कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू की गई। दोनों को दो आधार पर दोषी पाया गया है। उन्हें निदेर्श के विपरीत स्थानीय महिला से दोस्ती करने और सैन्य-अभियान क्षेत्र में कार्यस्थल से दूर होने को लेकर उन्हें दोषी माना गया है।

 

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