TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी पर किया आपराधिक मानहानि का मुकदमा, जानें क्या है पूरा मामला?

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पिछले दिनों संसद में अपने तीखे भाषणों को लेकर चर्चा में आईं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी के खिलाफ पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया है। सुधीर चौधरी ने अपने कार्यक्रम में दावा किया था कि 25 जून को संसद में ‘फासीवाद के लक्षणों’ पर दिया गया महुआ मोइत्रा का भाषण ‘चुराया हुआ’ था।

चौधरी ने अपने एक प्रोग्राम में कहा था कि महुआ ने संसद में फासीवाद पर जो भाषण दिया था वह ‘Seven Signs of Fascism’ की नकल है। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर पहली बार सांसद चुनी गईं महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में 25 जून को धुआंधार भाषण दिया था। उनका फासीवाद के विषय पर संसद में दिया गया भाषण वायरल हो गया था।

इसस पहले महुआ मोइत्रा ने चार जुलाई को लोकसभा में सुधीर चौधरी के खिलाफ गलत रिपोर्टिंग को लेकर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन इसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा खारिज कर दिया गया था। बार एंड बेंच की खबर के मुताबिक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रीती परेवा ने महुआ मोइत्रा द्वारा सुधीर चौधरी पर आपराधिक मानहानि मुकदमा मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी सुनवाई 20 जुलाई को तय की है।

महुआ के वकील शादान फरासत ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल ने बताया था कि उनका भाषण उस पोस्टर से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि पोस्टर में फासीवाद के 14 लक्षणों में से मोइत्रा ने सात चुने और भारत के परिप्रेक्ष्य में उन्हें जोड़ा। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने उन्हें सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तारीख दी।

महुआ मोइत्रा का बयान भी इसी दिन दर्ज किया जाएगा। मोइत्रा ने लोकसभा में 25 जून को जो भाषण दिया था वह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था। इस भाषण ने सोशल मीडिया पर अच्छी खासी बहस छेड़ दी थी। मोइत्रा ने संसद में दिए गए अपने भाषण में नरेंद्र मोदी सरकार पर देश को फासीवाद की तरफ ले जाने का आरोप लगाया था और दावा किया था कि राष्ट्रवाद के नाम पर देश को बांटा जा रहा है और वैज्ञानिक सोच को पीछे धकेला जा रहा है।

सुधीर चौधरी ने लगाया चोरी का आरोप

सुधीर ने दावा किया है कि 25 जून को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा दिया गया भाषण उनका मौलिक भाषण नहीं था, बल्कि चुराया गया था। हिंदी समाचार चैनल जी न्यूज पर अपने डीएनए कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया है कि मोइत्रा के भाषण के अंश एक अमेरिकी वेबसाइट से हुबहू चुराए गए हैं। वहीं, मोइत्रा ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि उनका दिया बयान चोरी का नहीं था। उन्होंने संसद में जो कुछ भी कहा वो पूरे दिल से कहा।

सुधीर ने पिछले दिनों अपने दो ट्‌वीट में भी टीएमसी सांसद पर भाषण चोरी का आरोप लगाया था। सुधीर ने एक ट्वीट में अपने कार्यक्रम का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था, “जो लोग महुआ मोइत्रा के भाषण पर तालियां पीट रहे थे, उन्हें जानना चाहिए कि वो शब्द उन्होंने कहां से चुराए थे। संसद में एक अमेरिकी वेबसाइट से चुराया भाषण देने पर उनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।”

इसके अलावा सुधीर चौधरी ने अपने एक अन्य ट्‌वीट में आलेख के अंशों को अंडरलाइन करने ट्‌वीट किया। उन्होंने लिखा, “यही है अमेरिकी वेब्सायट का वो लेख जिसे तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने चुराकर लोक सभा में अपने भाषण में इस्तेमाल कर लिया। हुबहू बिलकुल वही शब्द लेख से सीधे उठा लिए और बोल दिए। संसद की गरिमा ख़तरे में है।”

अमेरिकी वेबसाइट वॉशिंगटन मंथली के एक लेख को उद्धृत करते हुए सुधीर चौधरी ने अपने कार्यक्रम में दावा किया कि टीएमसी सांसद ने लोकसभा में अपने बयान का कुछ हिस्सा “फासीवाद के शुरुआती 12 संकेत” नाम से प्रकाशित लेख से लिया था जो अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संदर्भ में था। पूर्व निवेश बैंकर 42 वर्षीय सांसद का 25 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदन में दिया गया भाषण सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा था।

 

 

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