पढ़िए: उड़ी हमले पर क्या कहना चाहती हैं पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा ख़ान

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उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में एमएनएस ने भारत में काम कर रहे तमाम पाकिस्तानी कलाकारों को 27 सितम्बर तक भारत छोड़ने की चेतावनी दी थी। और ऐसे हालात में पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान, माहिरा खान, अली जफर ने भारत छोड़ दिया है। दूसरी तरफ सर्जिकल स्ट्राइक के बाद फिल्म निर्माताओं के सबसे बड़े संगठन ‘इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन’ (IMPPA) ने पाकिस्तानी कलाकारों को हिंदी फिल्मों में काम करने पर रोक लगाने का फैसला किया है।

लेकिन तब से पाक कलाकार उड़ी हमले को लेकर कुछ भी बोलने से बचते नज़र आ रहे थे। लेकिन ऐसे में अब पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा ख़ान ने भारत-पाक के रिश्ते पर खुद से ना बोलते हुए दूसरी पाकिस्तनी एक्ट्रेस के फेसबुक पोस्ट को शेयर करते हुए सबकों अपनी राय बताने की कोशिश की।

पाकिस्तानी एक्ट्रेस अलीज़ा ज़फर के फेसबुक पोस्ट को माहिरा खान ने अपनी टाइमलाइन पर शेयर किया जैसे ही ये पोस्ट वायरल हुआ माहिरा ने अपनी टाइमलाइन से इसे डिलीट कर दिया

पढ़िए उस फेसबुक पोस्ट में क्या लिखा था-

“यह अजीब बात है, एक दूसरे के खिलाफ नफरत भरे शब्द इस्तेमाल किेेए जा रहे हैं, मैं खुद इस बात से बहुत दुखी हूं   जब अमिताभ बच्चन अस्पताल में होते हैं, हम उनकी अच्छी सेहत के लिए दुआ करते हैं, जब रणबीर कपूर की कोई फिल्म हिट होती है, हम नीतू सिंह और ऋषि कपूर से ज्यादा गर्व महसूस करते हैं, हमने कभी इस बात से इनकार नहीं किया मौहम्द रफी और किशोर कुमार की आवाज़ की तरह कोई दूसरा गायक जिंदगी में रोमांस नहीं लाया, ये हमारा एकमत कहना हैं जब हम विदेश में होते हैं तो केवल भारतीय लोगों को ही हम देसी श्रेणी में शामिल करते हैं। उनके स्मारक हमारा इतिहास लाते हैं, और हमारी भाषा उनकी उनकी जड़े लाती हैं।”

“जब मैं अपने पिछले दस साल के सबसे अच्छे दिनों को सोचती हूं तो उनमें से 50% मेंरे पड़ोसी देश भारत के दोस्तों के साथ गुज़रे दिऩ थे। उनके साथ खाना खाना, संगीत सुनना हंसना, राजनीति पर चर्चा करना सबसे अच्छे दिनों में से थे।”

“मैंने आज पढ़ा भारत ने दावा किया कि सर्जिकल हमले को अंजाम दिया है, हास्यास्पद है।  उतना ही हास्यास्पद पाकिस्तानी प्रतिक्रियाओं को पढ़ा कुछ लोगों ने लिखा बड़े पैमाने पर राजनेताओं की हत्या से ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए, यह अजीब बात है कि कैसे हम भूल जाते हैं कि दोनों शासन कितनी मुसीबत मेें हैं और एकदूसरे पर उंगलिया उठाने के लिए कूद पड़ते हैं।”

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