मोदी के फैसले ने ली नवजात बच्ची की जान, केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा के अस्पताल में नहीं लिया गया हजार का नोट

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पीएम मोदी के फैसले का असर लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ कर रहा है। केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा के कैलाश अस्पताल के कर्मचारियों ने हजार का नोट लेने से मना कर दिया जिसके चलते डिलीवरी में देरी हो गई और नवजात बच्ची को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
ये अस्पताल केंद्रीय मंत्री डाॅक्टर महेश शर्मा का है। बीजेपी मंत्री कैलाश शर्मा के अस्पताल के कर्मचारियों के लिए किसी की जान की कीमत से अधिक है हजार के नोट की कीमत।
महेश शर्मा
 बुलंदशहर के खुर्जा में रहने वाले अभिषेक अपनी पत्नी एकता की डिलीवरी के लिए  कैलाश अस्पताल में पहुंचे थे। अस्पताल ने उन्हें दस हजार रुपये जमा करने के लिए कहा लेकिन अस्पताल ने एक हजार रुपए का नोट देखकर पैसे जमा नहीं किए गए। अभिषेक का आरोप है कि पैसे जमा ना होने पर इलाज में देरी की गईं।
अभिषेक ने बताया कि अस्पताल ने 100 रुपये के नोट नहीं होने की वजह से पत्नी का इलाज नहीं किया और इलाज में देरी की वजह से मेरी बच्ची की मौत हो गई।
 ये अस्पताल केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा का है। अभिषेक के आरोप पर अस्पताल का कहना है कि बच्ची पहले से ही मृत थी। अस्पताल में अब भी पांच सौ हजार के नोट लिए जा रहे हैं।
लेकिन अस्पताल की पोल एक और मरीज के तीमारदार ने खोल कर रख दी, साफ कहा कि अस्पताल में पांच सौ के नोट नहीं लिए जा रहे। रोजमर्रा की जिन्दगी में पीएम मोदी की इस घोषणा से हजारों लोगों का जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।

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