तनुश्री दत्ता यौन उत्पीड़न मामला: महाराष्ट्र महिला आयोग ने नाना पाटेकर को भेजा नोटिस

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बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाने के बाद अकेली पड़ीं बॉलीवुड फिल्म ‘आशिक बनाया आपने’ से चर्चा में आने वालीं अभिनेत्री तनुश्री दत्ता को धीरे-धीरे बॉलीवुड के तमाम बड़े सितारों का सपोर्ट मिल रहा है। वहीं, अब तनुश्री दत्ता के मामले पर महाराष्ट्र की राज्य महिला आयोग ने नाना पाटेकर को नोटिस भेज जवाब मांगा है।

महाराष्ट्र महिला आयोग ने मंगलवार(9 अक्टूबर) को नाना पाटेकर, राकेश सारंग, गणेण आचार्य समेत अन्य को नोटिस भेजा है। आयोग ने नाना पाटेकर को नोटिस भेज 10 दिन में तनुश्री के आरोपों पर जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही आयोग ने तनुश्री को भी पूछताछ के दौरान मौजूद रहने को कहा है।

बता दें कि तनुश्री दत्ता ने सेट पर हुई बदसलूकी के 10 साल पुराने मामले में नाना पाटेकर पर गंभीर आरोप लगाए है। तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि, नाना पाटेकर ने मेरे साथ गलत व्यवहार किया, मेरे कॉन्ट्रैक्ट में ऐसा कुछ नहीं था जिन सीन्स की डिमांग की गई।

तनुश्री का कहना है कि ‘नाना फिल्म के गाने में मेरे साथ कुछ इंटिमेट सीन्स करना चाहते थे।’ एक्ट्रेस ने आगे कहा, ‘जब उन्होंने इस बारे में प्रोड्यूसर और डायरेक्टर से बात की और कहा कि नाना को कहें कि वह दूर रहें। ऐसे में उन्होंने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, क्योंकि मैं इंडस्ट्री में नई थी।’

लेकिन अब यह मामला सिर्फ तनुश्री और नाना पाटेकर तक ही सीमित न रह कर देश भर में मीटू अभियान के रूप में बदल गया है। जिसके तहत मीडिया और बॉलीवुड के कई नामचीन लोगों के खिलाफ महिलाएं खुल कर सोशल मीडिया पर लिख रही हैं।

गौरतलब है कि नाना पाटेकर के बाद जहां डायरेक्टर विकास बहल, मशहूर सिंगर कैलाश खेर, अभिनेता रजत कपूर, मॉडल जुल्फी सैयद, अभिनेता आलोक नाथ, ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ (एचटी) के ब्यूरो प्रमुख और राजनीतिक संपादक प्रशांत झा सहित केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और पूर्व वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर पर भी यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। इसके अलावा देश मे #METOO अभियान के जोर पकड़ते ही कई नामी-गिरामी चेहरे कठघरे में खड़े हो गए हैं।

वहीं फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर महेश भट्ट ने कहा कि ‘भारत में महिलाओं ने अब काफी जागरूक हो गई हैं। ये सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री तक ही सीमित नहीं रहा है। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को महिलाओं को सपोर्ट करना चाहिए, लेकिन जब तक आरोपी पर लगे इल्जाम साबित नहीं हो जाते तब तक उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता।’

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